AAP Ki BAAT in IBC24: MP-CG में रिमोट सरकार? विपक्ष ने उठाए सवाल, BJP का पलटवार…
AAP Ki BAAT in IBC24: राज्यों के चुनावी नतीजों के बाद, बीजेपी ने 3 राज्यों में सरकार बना ली है। जमकर पटलवार किया है।
AAP Ki BAAT in IBC24
AAP Ki BAAT in IBC24: रायपुर। 2023 में 5 राज्यों के चुनावी नतीजों के बाद, बीजेपी ने 3 राज्यों में सरकार बना ली है। मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री समेत 2 डिप्टी सीएम शपथ ले चुके हैं। लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी अभी तक दोनों राज्यों में कैबिनेट गठन नहीं हो सका है जिसे लेकर विपक्ष का सीधा आरोप है कि ये ‘रिमोट वाली सरकार’ हैं जिसकी चाबी दिल्ली में मोदी-शाह के पास है। जाहिर है आरोप आलाकमान पर है तो पलटवार करने में बीजेपी ने देर ना की। जमकर पटलवार किया है।
विधायक बृजमोहन अग्रवाल का बड़ा बयान
मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के नतीजे आए 18 दिन हो चुके हैं। दोनों प्रदेशों में मुख्यमंत्रियों के शपथ ग्रहण किए हुए भी एक-एक सप्ताह बीत चुका है लेकिन अब तक दोनों ही जगह कैबिनेट गठन नहीं हो सका है। इस पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री और वर्तमान कांग्रेसी विधायक उमेश पटेल का सीधा आरोप है कि मौजूदा प्रदेश सरकारें तो कठपुतली मात्र हैं, सारे फैसेल दिल्ली और नागपुर से हो रहे हैं।पटलवार में पूर्व मंत्री और सीनियर विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि थोड़ा इंतजार करिए, मंत्रिमंडल का गठन भी जल्द होगा। तब विपक्ष को समझ आएगा की यहां फैसले भ्रष्टाचार छिपाने-दबाने के लिए नहीं होते हैं।
कुछ ऐसा ही आरोप मध्यप्रदेश कांग्रेस का भी है। विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कटाक्ष किया कि MP में BJP सरकार रिमोट कंट्रोल से चल रही है, राज्यपाल के अभिभाषण में सिर्फ मोदी जी का जिक्र है। लाडली बहना,शिवराज जी का नाम तक गायब है। इस पर बीजेपी ने पलटवार में कहा कि ये सब कांग्रेस के हार की खीज है, जनता ने कांग्रेस को विपक्ष में बैठाया है उसे उस जिम्मेदारी पर ध्यान देना चाहिए।
विपक्ष का पॉलिटिकल प्रोपेगेंडा?
AAP Ki BAAT in IBC24: ये बात सौ फीसदी सच है कि साल 2023 में 5 राज्यों में चुनावी नतीजों के बाद बीजेपी-कांग्रेस समेत सभी दल 2024 आम चुनाव के हिसाब से सारी जमावट में जुटे हैं। इसका असर 2023 के मेनिफेस्टो से लेकर, मुद्दों, चेहरों, CM और डिप्टी CM के फैसले तक पर दिखा है। तो क्या अब कैबिनेट और आने वाले फैसलों के भी इसकी छाप दिखेगी, क्या इसकी वजह से प्रदेश सरकार के फैसलों में देरी है, क्या इसकी वजह से राज्य सरकार की इमेज पर असर पड़ रहा है या फिर ये सब विपक्ष का पॉलिटिकल प्रोपेगेंडा मात्र है?

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