Lok Sabha Election 2024
Lok Sabha Election 2024: रायपुर। लोकसभा चुनाव में 11 की बिसात पर एक तरफ है बीजेपी जो जीत पक्की करने काफी पहले से सभी उम्मीदवार उतारकर रैली, सभाओं, स्टार प्रचारकों के जरिए सक्रीय प्रचार में जुट गई है तो दूसरी तरफ है कांग्रेस, जिसके भीतर ही उनके सबसे बड़े फेस रहे पूर्व CM भूपेश बघेल के खिलाफ कुछ नेता मोर्चा खोले हुए हैं। पार्टी के राज्य से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पत्र लिखकर उस चेहरे को पार्टी की बदनामी का कारण बताया जा रहा है। जिसे सत्ता में रहते बीते 5 साल पार्टी भरोसे का पर्याय बताती रही। पूर्व CM खुद कहते हैं कुछ कांग्रेसी नेता ‘स्लीपर सेल’ चला रहे हैं। अब सवाल ये कि पार्टी भीतर के स्लीपर सेल से निपटेगी या मैदान में मजबूत प्रतिद्वंद्वी से लड़ेगी।
राजनांदगांव सीट से चुनाव मैदान में उतारे गए छत्तीसगढ़ कांग्रेस के सबसे बड़े चेहरे, पूर्व CM भूपेश बघेल की उम्मीदवारी का विरोध दिनों-दिन मुखर होता जा रहा है। गुरुवार को पीसीसी डेलीगेट रामकुमार शुक्ला ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर भूपेश बघेल को राजनांदगांव सीट से प्रत्य़ाशी बनाए जाने का विरोध किया। शुक्ला का तर्क है पूर्व CM भूपेश कि खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप
लगे हैं। उन पर महादेव ऐप केस में FIR होने से कांग्रेस बदनाम हुई है। उन्हीं की वजह से कई अधिकारी और कांग्रेस नेता जेल में हैं, इसका असर ना केवल राजनांदगांव बल्कि सभी सीटों पर पड़ रहा है। इधर, अपनी उम्मीदवारी के खिलाफ तेज होते विरोध पर खुद भूपेश बघेल मानते हैं कि कांग्रेस के भीतर कुछ लोग स्लीपर सेल की तरह काम कर रहे हैं।
कांग्रेस में हर दिन फूट रहे इन लेटर बमों को PCC चीफ दीपक बैज मजबूत कांग्रेस प्रत्याशिय़ों के खिलाफ BJP की साजिश बताते हैं, जबकि प्रदेश कांग्रेस प्रभारी नेताओं को अनुशासन की नसीहत दे रहे हैं।इधर, राजनांदगांव के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा ने कहा भूपेश ने पूर्व CM रमन सिंह का क्षेत्र होने के कारण क्षेत्र के विकास को बाधित किया, इसीलिए उनका सर्वाधिक विरोध राजनांदगांव में है।
Lok Sabha Election 2024: पहले कांग्रेस के प्रदेश महासचिव रहे अरुण सिसोदिया का भूपेश बघेल के करीबी, महीनों से नदारद कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल और विनोद वर्मा के बेटे की कंपनी को 5 करोड़ 81 लाख रुपए देकर गबन का आरोप, फिर राजनांदगांव में खुले मंच से सुरेंद्र वैष्णव दाऊ का पूर्व CM के सामने खरी-खोटी सुनाना और बाद में पत्र लिखकर भूपेश का टिकट कटाने बावत PCC चीफ को पत्र और अब कांग्रेस डेलिगेट रामकुमार शुक्ला का पूर्व CM की वजह से पार्टी को हो रहे नुकसान बावत राष्ट्रीय अध्यक्ष खऱगे को पत्र लिखना। ये सब तब हो रहा है, जबकि 5 साल तक सत्ता के चेहरा रहे, भरोसे का प्रतीक रहे पूर्व CM भूपेश बघेल खुद हाईप्रोफाइल राजनांदगांव लोकसभा सीट से उम्मीदवार हैं। जब पार्टी को जीत के लिए एकजुटता की जरूरत है तब भूपेश के नाम पर सिरफुट्टौअल कितनी भारी पड़ेगी?