रायपुर: Raipur News: छत्तीसगढ़ की ग्रामीण जनता के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब निर्विवाद नामांतरण और जमीन के बंटवारे जैसे राजस्व संबंधी मामलों का निपटारा ग्राम पंचायत स्तर पर ही किया जाएगा। इस फैसले से ग्रामीणों को तहसील कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और काम तेजी से निपटाए जा सकेंगे। CG News
CG News: यह निर्णय उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में महानदी भवन मंत्रालय में आयोजित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की बैठक में लिया गया। बैठक में ग्रामीण विकास को सरल और पारदर्शी बनाने को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। जिसमे निर्णय लिया गया की अब निर्विवाद नामांतरण और बंटवारे के मामले ग्राम पंचायत में ही हल किए जाएंगे। पंचायत सचिव और ग्राम पंचायत की रिपोर्ट के आधार पर प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। इसके बाद राजस्व विभाग द्वारा नामांतरण बुक जारी की जाएगी।
CG News: हर जिले में इस प्रक्रिया की समीक्षा कर लागू किया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि अविवादित मामले राजस्व न्यायालय तक न पहुंचे। बैठक में पंचायत परिसंपत्तियों के डिजिटल रिकॉर्ड के लिए बनाए गए ग्राम संपदा ऐप की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने निर्देश दिए कि ऐप को समय-समय पर अपडेट किया जाए। तकनीकी दिक्कतों को शीघ्र दूर किया जाए। सभी जिलों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर जरूरी बदलाव किए जाएं। पंचायत परिसंपत्तियों का रिकॉर्ड पारदर्शी और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हो।
निर्विवाद नामांतरण वह प्रक्रिया है जिसमें ज़मीन या संपत्ति के मालिकाना हक़ में बदलाव बिना किसी विवाद के किया जाता है। इसमें सभी संबंधित पक्ष सहमत होते हैं और कानूनी आपत्ति नहीं होती।
निर्विवाद नामांतरण अब ग्राम पंचायत में कैसे किया जाएगा?
पंचायत सचिव और ग्राम पंचायत द्वारा रिपोर्ट तैयार कर पोर्टल पर अपलोड की जाएगी, जिसके आधार पर राजस्व विभाग नामांतरण बुक जारी करेगा। इस प्रक्रिया में अब तहसील कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
क्या जमीन के बंटवारे का कार्य भी पंचायत स्तर पर होगा?
हां, यदि मामला निर्विवाद है तो अब जमीन का बंटवारा भी ग्राम पंचायत स्तर पर किया जाएगा। इससे ग्रामीणों का समय और संसाधन दोनों बचेंगे।
ग्राम संपदा ऐप का उपयोग किस लिए किया जा रहा है?
ग्राम संपदा ऐप पंचायत परिसंपत्तियों के डिजिटल रिकॉर्ड को संग्रहित और पारदर्शी रूप से प्रदर्शित करने के लिए तैयार किया गया है।
यदि कोई तकनीकी समस्या आती है तो समाधान कैसे होगा?
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि तकनीकी समस्याओं को समय रहते ठीक किया जाए और सभी जिलों से मिले फीडबैक के अनुसार ऐप को अपडेट किया जाए।