नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र में हमलावरों द्वारा एक कारोबारी की गोली मारकर हत्या करने के एक दिन बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने मंगलवार को इस हत्या की जिम्मेदारी ली है।
यह दावा सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए किया गया है जिसकी जांच पुलिस कर रही है।
पुलिस ने बताया कि दावे की प्रामाणिकता और हमलावरों का पता लगाने के लिए कई टीम का गठन किया गया है।
यह पोस्ट ‘रणदीप मलिक अनिल पंडित’ नाम वाले अकाउंट से किया गया है, जिसके अनुसार यह हत्या लॉरेंस बिश्नोई, जितेंद्र गोगी मान, हाशिम बाबा और काला राणा गिरोह के इशारे पर की गई है।
पोस्ट में आरोप लगाया गया कि कारोबारी वैभव गांधी गिरोह की गतिविधियों में हस्तक्षेप कर रहा था।
हिंदी और अंग्रेजी में लिखी गई पोस्ट में कहा गया कि यह घटना एक चेतावनी है कि जो कोई भी उनके कार्यों में बाधा डालेगा उसे बिना किसी पूर्व सूचना के जान से मार दिया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, प्लास्टिक के दाने बनाने वाले 35 वर्षीय वैभव गांधी की सोमवार दोपहर बवाना में उनकी फैक्टरी के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
गांधी जब लैपटॉप बैग लेकर फैक्टरी के बाहर खड़े थे तभी अपराह्न करीब 12.51 बजे गोलीबारी की घटना हुई। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि मोटरसाइकिल सवार तीन हमलावर उनके पास आए और बैग छीनने की कोशिश की।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “जब पीड़ित ने भागने की कोशिश की तो हमलावरों ने करीब 40-50 मीटर तक उनका पीछा किया और कई गोलियां चलाईं। एक गोली लगने से वह गिर पड़े।”
इसके बाद हमलावर पीड़ित का सामान लेकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद गांधी को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस को शुरुआत में यह संदेह था कि यह लूटपाट के विरोध में हुई हत्या का मामला है। हालांकि, सोशल मीडिया पोस्ट सामने आने के बाद जांच का ध्यान जबरन वसूली और संगठित अपराध की ओर चला गया है।
मामले की जांच के लिए कई टीम को गठित किया गया है। पुलिस घटना से संबंधित जानकारी के लिए बवाना औद्योगिक क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं।
साथ ही पुलिस उक्त अकाउंट के उपयोगकर्ता रणदीप मलिक और अनिल पंडित यूएसए से संबंधित जानकारी जुटा रही है ताकि उनके मूल स्थान और गिरोह के सदस्यों से संबंधों का पता लगाया जा सके।
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प्रचेता वैभव
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