Chhattisgarh Census 2027 : जनगणना की रेस में छत्तीसगढ़ का यह जिला बना नंबर-1, रायपुर-भिलाई सहित कई शहर पिछड़े, अब सीएम साय ने अफसरों को दी ये चेतावनी

छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय जनगणना 2027 की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं, जिसमें अब तक 60.73% मकान सूचीकरण ब्लॉकों का कार्य पूरा हो चुका है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिला 100% कार्य पूरा कर शीर्ष पर है, जबकि रायपुर और भिलाई जैसे बड़े नगर निगमों में प्रगति धीमी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अभियान को सुशासन और विकास नीति की मजबूत नींव बताया है।

Chhattisgarh Census 2027 : जनगणना की रेस में छत्तीसगढ़ का यह जिला बना नंबर-1,  रायपुर-भिलाई सहित कई शहर पिछड़े, अब सीएम साय ने अफसरों को दी ये चेतावनी

Chhattisgarh Census 2027

Modified Date: May 17, 2026 / 01:30 pm IST
Published Date: May 17, 2026 1:25 pm IST
HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 की तैयारियां 60.73% पूरी
  • GPM जिला 100% कार्य पूरा कर राज्य में शीर्ष पर
  • रायपुर, भिलाई और अन्य नगर निगमों में प्रगति अपेक्षाकृत धीमी

​रायपुर : Chhattisgarh Census 2027 छत्तीसगढ़ में आगामी राष्ट्रीय जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। राज्य के सभी जिलों और नगर निगमों में मकान सूचीकरण ब्लॉकों (HLB) के गठन और सत्यापन का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाल ही में जारी आधिकारिक प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में अब तक कुल 60.73% कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस महाअभियान में डिजिटल टेक्नोलॉजी के सटीक समन्वय से कुल 48,742 ब्लॉकों में से 29,602 ब्लॉकों का कार्य पूर्ण हो चुका है।


सटीक जनगणना से ही हर गरीब तक पहुंचेगा सुशासन —मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 

​राज्य की इस प्रगति पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संतोष व्यक्त करते हुए गौरेला- पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिला प्रशासन और प्रदेश भर के प्रगणकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ और सुशासन के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। आगामी जनगणना 2027 के ये आंकड़े भविष्य में छत्तीसगढ़ के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और नीति निर्धारण की मजबूत बुनियाद बनेंगे। डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर समय-सीमा में कार्य पूर्ण करना सराहनीय है। जिन बड़े शहरों या नगर निगमों में गति धीमी है, वहां के अधिकारी मैदानी मॉनिटरिंग बढ़ाएं और जल्द से जल्द इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को गति दें।

Chhattisgarh Census 2027 गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ने मारी बाजी, कई जिले शत-प्रतिशत के करीब

राज्य स्तर पर जिलों के प्रदर्शन को देखा जाए तो आदिवासी बहुल गौरेला-पेंड्रा- मरवाही (GPM) जिला सूची में शीर्ष पर है, जिसने अपने सभी 528 मकान सूचीकरण ब्लॉकों का कार्य 100% पूरा कर लिया है। इसके बाद जशपुर (99.87%) और मोहला- मानपुर-अंबागढ़ चौकी (99.84%) जिले भी पूर्णता के बेहद करीब हैं। इसके अलावा बेमेतरा (97.8%) और मुंगेली (96.52%) जिलों में भी काम लगभग खत्म होने की कगार पर है।

​कलेक्टर की रणनीति आई काम

GPM जिले के इस शानदार प्रदर्शन और ‘शून्य पेंडेंसी’ के मॉडल पर कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने अपनी टीम की पीठ थपथपाते हुए कहा कि यह सफलता हमारे स्थानीय प्रगणकों (Enumerators), पर्यवेक्षकों (Supervisors) और जिला प्रशासन की बेहतरीन टीम भावना का परिणाम है। भौगोलिक रूप से दुर्गम और आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के बावजूद हमने माइक्रो-प्लानिंग के तहत काम किया। हर चार्ज नंबर की रोजाना डिजिटल मॉनिटरिंग की गई, जिससे 17 मई की मध्यरात्रि को डेटा पोर्टल पर सिंक होते ही हमने 100% पूर्णता का लक्ष्य हासिल कर लिया। अब हम अगले चरण के प्रशिक्षण और मैदानी सत्यापन के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

​बड़े शहरों और नगर निगमों की रफ्तार सुस्त, रायपुर-भिलाई पिछड़े

​एक तरफ जहां ग्रामीण और दूरस्थ जिलों ने बाजी मारी है, वहीं राज्य के बड़े शहरों और नगर निगम (Municipal Corporation) क्षेत्रों में काम की रफ्तार चिंताजनक रूप से धीमी दर्ज की गई है। ​रायगढ़ नगर निगम सूची में सबसे निचले पायदान पर है, जहां महज 4.65% काम ही पूरा हो सका है। औद्योगिक हब भिलाई नगर में केवल 7.84% और रिसाली में 8.33% कार्य ही संपन्न हुआ है। राजधानी रायपुर की बात करें तो यहां कुल 1,964 ब्लॉकों में से केवल 203 ही पूरे हो पाए हैं, जो कि कुल लक्ष्य का मात्र 10.34% है।

​प्रशासनिक मुस्तैदी का असर

राहत की बात यह है कि राज्य के अधिकांश जिलों में ‘HLBs Not Started’ (कार्य शुरू नहीं हुआ) का आंकड़ा शून्य है। इसका साफ मतलब है कि मैदानी स्तर पर प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय है। कबीरधाम के महज 1 ब्लॉक को छोड़कर हर जगह काम शुरू हो चुका है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि बचे हुए ‘प्रगति पर’ (In Progress) कार्यों को भी जल्द से जल्द पूरा करने के लिए नगर निगम आयुक्तों और जिला कलेक्टर्स को विशेष नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism And Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..