Durg Janpad CEO Suspended : CM विष्णुदेव साय का बड़ा एक्शन, जनता से अशिष्ट व्यवहार पर ‘जीरो टॉलरेंस’, दुर्ग जनपद सीईओ रूपेश पाण्डेय निलंबित

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छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में जनता से अशिष्ट व्यवहार और लापरवाही के आरोप में दुर्ग जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। मामले में वीडियो क्लिप के आधार पर प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए, जिसके बाद कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।

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  • Publish Date - June 1, 2026 / 02:55 PM IST,
    Updated On - June 1, 2026 / 03:00 PM IST

Durg Janpad CEO Suspended / Image Source : SOCIAL MEDIA

HIGHLIGHTS
  • जनसमस्या निवारण शिविर में जनता से अशिष्ट व्यवहार का आरोप
  • CM विष्णुदेव साय के निर्देश पर दुर्ग जनपद CEO निलंबित
  • वीडियो क्लिप और जांच के बाद लिया गया सख्त एक्शन

रायपुर : Durg Janpad CEO Suspended :  सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में आम जनता से अशिष्ट व्यवहार और कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दुर्ग संभागायुक्त को दिए थे। मुख्यमंत्री साय के निर्देशों के परिपालन में कमिश्नर दुर्ग ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत दुर्ग, रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

संभागायुक्त दुर्ग द्वारा जारी निलंबन आदेश में उल्लेखित है कि कलेक्टर दुर्ग से प्राप्त प्रस्ताव एवं ग्राम थनौद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में पाण्डेय द्वारा आम जनता से अशिष्ट व्यवहार संबंधी वीडियो क्लिप के अवलोकन से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हुआ कि उन्होंने शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार एवं शिविर में कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही तथा अशिष्टतापूर्ण व्यवहार किया। Rupesh Kumar Pandey Suspension यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम के विपरीत है। इस संबंध में संभागायुक्त दुर्ग द्वारा श्री पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, किंतु उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब समाधानकारक नहीं पाया गया।

Durg Janpad CEO Suspended छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के तहत प्रत्येक शासकीय सेवक को सदैव पूर्ण रूप से सत्यनिष्ठ एवं कर्तव्यपरायण रहना है तथा ऐसा कोई कार्य नहीं करना है, जो शासकीय सेवक के लिए अशोभनीय हो। नियम 3-क के खण्ड (क) के अनुसार, कोई भी शासकीय सेवक अपने पदीय कृत्यों के पालन में अशिष्टता से कार्य नहीं करेगा।

लोकतांत्रिक व्यवस्था में शासन तंत्र आम नागरिकों के प्रति उत्तरदायी होता है, इसलिए प्रत्येक लोकसेवक द्वारा आम नागरिकों से शिष्ट व्यवहार को आचरण संहिता का महत्वपूर्ण घटक माना गया है। तदनुसार रूपेश कुमार पाण्डेय को कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही एवं कदाचरण के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

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