Chhattisgarh Startup Policy and Scheme || Image- IBC24 News File
रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का यह तीसरा वर्ष और तीसरे वर्ष का बजट छत्तीसगढ़ के मेहनतकश और हुनरमंद लाखों युवाओं को समर्पित हैं। मुख्यमंत्री का पूरा फोकस युवाओं के रोजगारोन्मुखी शिक्षा, रोजगार और उन्हें उच्च स्तरीय जीवन प्रदान करना है। यही वजह है कि, साय सरकार जहां एक तरह शिक्षक, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग के तहत बड़े पैमाने पर युवाओं की के भर्तियां कर रही है तो दूसरी तरफ उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही है। (Chhattisgarh Startup Policy and Scheme) सरकार ने युवाओं को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में स्टार्टअप नीति का ऐलान किया है। स्वरोजगार की दिशा में छत्तीसगढ़ के इतिहास में उठाया गया यह अब तक का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है।
छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रिपरिषद ने “छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30” को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस नई नीति का उद्देश्य राज्य में एक सशक्त, समावेशी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्टार्टअप इकोसिस्टम का निर्माण करना है। इसके माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देने, व्यापक रोजगार सृजन करने और सतत आर्थिक विकास को गति देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह नीति राज्य के युवाओं को उद्यमिता की दिशा में प्रेरित और सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
नई स्टार्टअप नीति के अंतर्गत वर्ष 2030 तक 5,000 से अधिक DPIIT-पंजीकृत स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य तय किया गया है। नीति के तहत स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता, इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, बाजार से जुड़ाव, क्षमता निर्माण, तकनीकी सहयोग और बौद्धिक संपदा (आईपीआर) समर्थन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
नीति में स्टार्टअप्स को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न अनुदान एवं रियायतों का प्रावधान किया गया है—
महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांगजन, सेवानिवृत्त सैनिक, नक्सल प्रभावित व्यक्तियों तथा पब्लिक वेलफेयर और सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रोत्साहन भी नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अंतर्गत अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त मेगा इनक्यूबेटर्स (हब) स्थापित किए जाएंगे, जो स्टार्टअप्स को अधोसंरचना, मेंटरशिप, निवेश से जुड़ाव और रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। (Chhattisgarh Startup Policy and Scheme) वहीं विभिन्न क्षेत्रों में स्पोक इनक्यूबेटर्स के माध्यम से नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रत्येक जिले में आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने की भी योजना है।
राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कॉलेज इनोवेशन एवं स्टार्टअप सेल स्थापित किए जाएंगे। चयनित कॉलेजों को संचालन हेतु 5 लाख रुपये प्रति वर्ष तक की सहायता प्रदान की जाएगी।
छत्तीसगढ़ सरकार का मानना है कि, यह नीति “अमृतकाल-छत्तीसगढ़ विजन/2047” के लक्ष्यों के अनुरूप तैयार की गई है और राज्य को नवाचार आधारित उद्यमिता का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। (Chhattisgarh Startup Policy and Scheme) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “स्टार्टअप इंडिया” अभियान के तहत भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में यह नई स्टार्टअप नीति लागू की गई है, जो राज्य को स्टार्टअप और इनोवेशन का उभरता हुआ हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
स्टार्टअप (Startup) वह नई कंपनी या व्यवसाय होता है, जो किसी नए आइडिया, तकनीक या समस्या के अनोखे समाधान के आधार पर शुरू किया जाता है और जिसका लक्ष्य तेज़ी से बढ़ना (Rapid Growth) होता है। आसान भाषा में समझें तो अगर कोई युवा या टीम ऐसा नया उत्पाद या सेवा बनाती है, जो पहले बाजार में नहीं थी या किसी समस्या का बेहतर समाधान देती है, तो उसे स्टार्टअप कहा जाता है।
ये सभी शुरुआत में छोटे स्टार्टअप थे, जो बाद में बड़ी कंपनियां बन गईं।