Railway Engineer Convicted: रेलवे का रिश्वतखोर इंजीनियर.. कोर्ट ने सुनाई चार साल की सजा, लगाया तगड़ा जुर्माना.. ठेकेदार से वसूल रहा था रकम

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सीबीआई की विशेष अदालत ने रेलवे के तत्कालीन सहायक अभियंता को रिश्वत मामले में दोषी ठहराते हुए चार वर्ष की सजा और जुर्माना सुनाया।

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  • Publish Date - August 4, 2026 / 07:43 PM IST,
    Updated On - August 4, 2026 / 07:45 PM IST

Railway Engineer Convicted in Bribery Case || Image- IBC24 News Archive

HIGHLIGHTS
  • रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार।
  • चार वर्ष की कठोर सजा।
  • 20 हजार रुपये का जुर्माना।

लखनऊ: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत, लखनऊ ने रिश्वतखोरी के एक मामले में उत्तर मध्य रेलवे के तत्कालीन सहायक मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता (एडीएसटीई) गिरिजेश कुमार गौर को दोषी करार देते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। (Railway Engineer Convicted in Bribery Case) अदालत ने दोषी पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

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ठेकेदार से की थी रिश्वत की मांग

सीबीआई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह मामला 27 मई 2016 को दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि बांदा स्थित उत्तर मध्य रेलवे कार्यालय में पदस्थ तत्कालीन एडीएसटीई ने एक ठेकेदार के 80 हजार रुपये के बिल पास कराने और स्वीकृत करने के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। आरोप के अनुसार, 10 हजार रुपये पहले और 10 हजार रुपये बिल स्वीकृत होने के बाद देने की मांग की गई थी।

शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने उसी दिन जाल बिछाया और आरोपी को उसके आवास पर 9,700 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। (Railway Engineer Convicted in Bribery Case) यह राशि कथित रूप से मांगी गई 10 हजार रुपये की रिश्वत का हिस्सा थी।

2016 में दाखिल हुआ था चार्जशीट

जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 24 जून 2016 को आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र (चार्जशीट) अदालत में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

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रेलवे इंजीनियर को कितनी सजा सुनाई गई है?

सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी इंजीनियर को चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

मामला किस आरोप से जुड़ा था?

ठेकेदार का बिल पास कराने के बदले रिश्वत मांगने और लेने के आरोप से मामला जुड़ा था।

सीबीआई ने आरोपी को कैसे पकड़ा था?

सीबीआई ने जाल बिछाकर आरोपी को उसके आवास पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।