Railway Engineer Convicted in Bribery Case || Image- IBC24 News Archive
लखनऊ: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत, लखनऊ ने रिश्वतखोरी के एक मामले में उत्तर मध्य रेलवे के तत्कालीन सहायक मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता (एडीएसटीई) गिरिजेश कुमार गौर को दोषी करार देते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। (Railway Engineer Convicted in Bribery Case) अदालत ने दोषी पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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सीबीआई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह मामला 27 मई 2016 को दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि बांदा स्थित उत्तर मध्य रेलवे कार्यालय में पदस्थ तत्कालीन एडीएसटीई ने एक ठेकेदार के 80 हजार रुपये के बिल पास कराने और स्वीकृत करने के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। आरोप के अनुसार, 10 हजार रुपये पहले और 10 हजार रुपये बिल स्वीकृत होने के बाद देने की मांग की गई थी।
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने उसी दिन जाल बिछाया और आरोपी को उसके आवास पर 9,700 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। (Railway Engineer Convicted in Bribery Case) यह राशि कथित रूप से मांगी गई 10 हजार रुपये की रिश्वत का हिस्सा थी।
जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 24 जून 2016 को आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र (चार्जशीट) अदालत में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
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CBI Court Sentences former Railway Engineer to Four Years Rigorous Imprisonment in Bribery Case pic.twitter.com/ZTyw8Y431t
— Central Bureau of Investigation (India) (@CBIHeadquarters) August 4, 2026
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