NRDA Notice to Tuta Village: तूता के ग्रामीणों को अतिक्रमण को लेकर नोटिस, NRDA ने 35 मकान मालिकों से 6 जुलाई तक मांगा जवाब

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NRDA Notice to Tuta Village: तूता के ग्रामीणों को अतिक्रमण को लेकर नोटिस, NRDA ने 35 मकान मालिकों से 6 जुलाई तक मांगा जवाब

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  • Publish Date - July 4, 2026 / 10:23 AM IST,
    Updated On - July 4, 2026 / 11:23 AM IST

NRDA Notice to Tuta Village: नकटी के बाद तूता के ग्रामीणों को अतिक्रमण को लेकर नोटिस, NRDA ने 35 मकान मालिकों से 6 जुलाई तक मांगा जवाब / Image: File

HIGHLIGHTS
  • तूता गांव में 35 मकानों पर अतिक्रमण का नोटिस
  • ग्रामीणों को 6 जुलाई तक अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश
  • नकटी गांव में 15 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का खुलासा

रायपुर: NRDA Notice to Tuta Village छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे तूता के मकानों पर NRDA ने नोटिस चस्पा किया है। अतिक्रमण को लेकर लगाए गए नोटिस के बाद गांव में हड़कंप मच गया है। NRDA ने ग्रामीणों ने 6 जुलाई तक अपना जवाब पेश करने के लिए कहा है। फिलहाल NRDA के नोटिस को लेकर गांव में खलबली मची हुई है और अब देखना होगा कि गांव के लोग अति​क्रमण को लेकर क्या जवाब देते हैं।

NRDA ने 35 मकान में चस्पा किए नोटिस

NRDA Notice to Tuta Village मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ शासन की ओर से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा ​करने वालों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। अवैध कब्जाधारियों को प्रशासन की ओर से पहले नोटिस दिया जा रहा है, साथ ही विस्थापन की भी व्यवस्था की जा रही है। तूता भी नया रायपुर डेवलपमेंट अ​थॉरिटी ने 35 घरों में नोटिस चस्पा करके 6 जुलाई तक जवाब मांगा है। ग्रामीणों ने मानें तो NRDA ने ऐसे मकानों में नोटिस लगाए हैं जहां लोग 25-50 सालों से निवासरत हैं।

नकटी गांव में भूमाफियाओं का कब्जा

दूसरी ओर नकटी गांव में अतिक्रमण पर हुई कार्रवाई को लेकर भी बड़ी जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि यहां गरीबों को आगे करके कुछ भूमाफियाओं ने यहां बड़े-बड़े कब्जे कर रखे थे। इस बात का खुलासा राजस्व विभाग की इंटरनल रिपोर्ट में हुआ है। यहां 15 हेक्टेयर जमीन पर पक्के मकान का अवैध कब्जा कर लिया गया था। रिपोर्ट में बताया गया है कि स्थानीय सरपंच की मिली भगत से चारागाह की जमीन पर अवैध कब्जा किया गया। साल 2021 में जब राजस्व विभाग ने सर्वे किया तो 3 हेक्टेयर में कच्चे मकान और कुछ बढ़िया मिली थी, लेकिन 2023 आते आते यहां में स्थिति बदल चुकी थी 15 हेक्टेयर पर पक्के मकान तान दिए गए थे।

नकटी के ग्रामीणों को मिली आवास

वहीं, वन मंत्री केदार कश्यप ने नकटी गांव के मुद्दे को लेकर कहा है कि जिन लोगों को नकटी से हटाया गया है, उन्हें सरकार की ओर से आवास उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि साल 2020 में जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और भूपेश बघेल मुख्यमंत्री थे, तब नकटी का प्रस्ताव सामने आया था। ऐसे में कांग्रेस को अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए। वन मंत्री ने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल अपने नए विधायकों को आगे कर पीछे से तीर चलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस दोहरे मापदंड और दोहरे चरित्र की राजनीति कर रही है, लेकिन प्रदेश की जनता सब समझती है। उन्होंने कांग्रेस को दोहरे रवैये से बाहर आने की नसीहत भी दी है।

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NRDA ने तूता गांव में कितने मकानों पर नोटिस जारी किया है?

NRDA ने तूता गांव के 35 मकानों पर अतिक्रमण को लेकर नोटिस चस्पा किए हैं।

ग्रामीणों को जवाब देने की अंतिम तिथि क्या है?

ग्रामीणों को 6 जुलाई तक अपना जवाब NRDA के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।

नकटी गांव में कितनी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा होने का दावा किया गया है?

राजस्व विभाग की रिपोर्ट के अनुसार लगभग 15 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया था।

सरकार ने नकटी गांव से हटाए गए लोगों के लिए क्या व्यवस्था की है?

वन मंत्री केदार कश्यप के अनुसार हटाए गए लोगों को सरकार की ओर से आवास उपलब्ध कराया गया है।

नकटी गांव के मामले में कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए गए हैं?

वन मंत्री केदार कश्यप ने आरोप लगाया कि कांग्रेस दोहरे मापदंड अपना रही है और पूर्व सरकार के समय इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई।