(Behari Lal Engineering IPO Listing/ Image Credit: Meta AI)
नई दिल्ली: Behari Lal Engineering IPO Listing: आज 19 अगस्त 2026 को बिहारी लाल इंजीनियरिंग के शेयर ने भारतीय शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की है। कंपनी का शेयर NSE पर 465 रुपये के भाव पर लिस्ट (Behari Lal Engineering IPO Listing) हुआ, जबकि इसका IPO प्राइस 285 रुपये था। यानी लिस्टिंग के साथ निवेशकों को करीब 63 प्रतिशत का प्रीमियम मिला। वहीं BSE पर शेयर 458 रुपये पर लिस्ट हुआ, जो इश्यू प्राइस से करीब 61 प्रतिशत ज्यादा है।
बिहारी लाल इंजीनियरिंग का करीब 301.62 करोड़ रुपये का IPO 12 से 14 अगस्त तक सब्सक्रिप्शन (Behari Lal Engineering IPO Subscription) के लिए खुला था। कंपनी ने इसका प्राइस बैंड 271 रुपये से 285 रुपये प्रति शेयर रखा था। IPO को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला और यह कुल करीब 108 गुना सब्सक्राइब हुआ। QIB और NII कैटेगरी करीब 165 गुना, जबकि रिटेल हिस्सा लगभग 53.27 गुना सब्सक्राइब हुआ।
कंपनी के IPO में करीब 93 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और लगभग 73.2 लाख शेयरों का OFS शामिल था। IPO से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से करीब 90.48 करोड़ रुपये जुटाए थे। फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कारोबार को मजबूत करने में किया जाएगा। कंपनी नए उपकरण और मशीनरी पर करीब 63 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रही है।
कंपनी पंजाब के सलानी और तुरान गांवों में अपनी मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाने की भी योजना बना रही है। इसके अलावा करीब 57 लाख रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में किया जाएगा। बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए खर्च होगी। कंपनी को उम्मीद है कि इन निवेशों से उत्पादन क्षमता और कामकाज की दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
बिहारी लाल इंजीनियरिंग आयरन और स्टील से जुड़े इंजीनियरिंग (Behari Lal Engineering IPO Listing) उत्पाद बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स में मेटल रोल्स, अलॉय स्टील, फोर्जिंग इंगॉट्स, शाफ्ट और ब्लॉक्स शामिल हैं। इनके इस्तेमाल स्टील, माइनिंग, पावर, ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस और ऑयल-गैस जैसे क्षेत्रों में होते हैं। हालांकि 63% की लिस्टिंग शानदार रही है। लेकिन आगे शेयर की चाल कंपनी के प्रदर्शन, ऑर्डर बुक, मुनाफे और बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगी।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।