Who is News Kumar and Space Rani: कौन हैं CGPSC सब इंस्पेक्टर प्री परीक्षा पास करने वाले स्पेसरानी, न्यूज़ कुमार और तुफैल? कांग्रेस ने जिसे बताया था फर्जी कैंडिडेट, अब सच्चाई आई सामने / Image; AI Generated
रायपुर: Who is News Kumar and Space Rani छत्तीसगढ़ पीएससी की सब इंस्पेक्टर प्री परीक्षा का रिजल्ट इस बार चयनित अभ्यर्थियों से ज़्यादा उनके नामों को लेकर चर्चा में है। चयनित सूची में स्पेसरानी, न्यूज़, हेराम, भक्त प्रहलाद और तुफैल जैसे नाम सामने आने के बाद कांग्रेस ने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए। वहीं बीजेपी ने इसे मेधावी छात्रों का अपमान बताते हुए कांग्रेस को माफी मांगने की बात कही। विवाद बढ़ने पर पीएससी को भी सफाई देनी पड़ी और अब खुद चयनित अभ्यर्थी सामने आकर कह रहे हैं कि उनके नाम और चयन दोनों पूरी तरह सही हैं।
Who is News Kumar and Space Rani दरअसल 12 जुलाई 2026 को हुई छत्तीसगढ़ पीएससी सब इंस्पेक्टर प्री परीक्षा का परिणाम जारी होते ही सोशल मीडिया पर चयनित अभ्यर्थियों के कुछ नाम वायरल हो गए। स्पेसरानी, न्यूज़, हेराम, भक्त प्रहलाद और तुफैल जैसे नामों को लेकर तरह-तरह के पोस्ट और सवाल उठने लगे। मामले ने राजनीतिक रंग तब ले लिया जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए गड़बड़ी की आशंका जताई। बैज ने कहा कि ऐसे नाम सामने आने से पूरी चयन प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गई है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुई अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाएं विवादों में रही हैं और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों में रेडियो और SPACE राजा भी किसी परीक्षा में सफल हो।
कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार किया। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि कांग्रेस होनहार छात्रों का मज़ाक उड़ा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अभी भी पीएससी फोबिया से बाहर नहीं निकल पाई है और उसे अपने कार्यकाल के कथित पीएससी घोटाले याद करने चाहिए। तोखन साहू ने कहा कि जेन जी का जमाना है, उन्हें अपना नाम रखने का अधिकार है, इसमें कांग्रेस को आपत्ति क्यों है? कांग्रेस को चयनित छात्रों से माफी मांगे। वहीं डिप्टी सीएम अरुण साव ने भी कहा कांग्रेस हमेशा युवाओं के बीच भ्रम फैलाने का का करती है। छात्रों और छत्तीसगढ़ की जनता से माफ़ी मांगे।
विवाद बढ़ने के बाद छत्तीसगढ़ पीएससी ने भी आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया। आयोग ने कहा कि सोशल मीडिया पर अभ्यर्थियों के नामों को लेकर भ्रामक और तथ्यहीन जानकारी फैलाई जा रही है। आयोग के मुताबिक परिणाम में वही नाम प्रकाशित किए गए हैं जो अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन में स्वयं दर्ज किए थे। इन्हीं नामों के आधार पर प्रवेश पत्र जारी हुए, दस्तावेज सत्यापन, शारीरिक दक्षता परीक्षा और प्रारंभिक परीक्षा की पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई। वहीं सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच अब चयनित अभ्यर्थी भी कैमरे के सामने आए हैं। न्यूज़, हेराम, तुफैल और भक्त प्रहलाद ने कहा कि उनके नाम वास्तविक हैं, सभी दस्तावेजों में यही दर्ज हैं और उनका चयन पूरी तरह नियमों के अनुसार हुआ है।
सोशल मीडिया पर वायरल सूची और नामों के आधार पर कांग्रेस ने पीएससी की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए, लेकिन पीएससी के आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद चयनित अभ्यर्थी खुद सामने आए और उन्होंने अपने नाम और चयन दोनों को सही बताया। ऐसे में बीजेपी अब कांग्रेस से इन अभ्यर्थियों से सार्वजनिक माफ़ी की मांग कर रही है। हालांकि, कांग्रेस ने अभी तक अपने आरोप वापस नहीं लिए हैं और न ही माफ़ी की कोई घोषणा की है। अब देखने वाली बात होगी कि जब अभ्यर्थियों के नाम सही साबित हो चुके हैं, तो क्या कांग्रेस अपने आरोपों पर कायम रहती है या फिर इन छात्रों से माफ़ी मांगती है।