महासमुंद के संजय डहरिया ने कैंसर से लड़ते हुए यूपीएससी में 946वां स्थान प्राप्त किया
महासमुंद के संजय डहरिया ने कैंसर से लड़ते हुए यूपीएससी में 946वां स्थान प्राप्त किया
महासमुंद (छत्तीसगढ़), सात फरवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के निवासी संजय डहरिया (38) ने कैंसर से लड़ते हुए संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा की तैयारी की और अंतत: अपने तीसरे प्रयास में कामायाबी हासिल कर ली।
छोटे से गांव से आने वाले संजय की यह कामयाबी राज्य के युवाओं के लिए हिम्मत, लगन और पक्के इरादे की एक मजबूत मिसाल है।
महासमुंद जिले के बेलटुकरी गांव के रहने वाले संजय ने यूपीएससी परीक्षा 2025 में 946वीं रैंक हासिल की है। डहरिया अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं। उन्हें देखने में भी कुछ परेशानी का सामना करना पड़ता है।
संजय के पिता लखनलाल डहरिया किसान हैं और माता रेशम डहरिया गृहणी हैं। तीन भाइयों और एक बहन में सबसे छोटे, संजय ने अपनी शुरुआती पढ़ाई अपने गांव के सरकारी स्कूल से पूरी की।
संजय ने बताया कि जब वह गांव के स्कूल में पांचवी कक्षा में पढ़ते थे तब उनका चयन जवाहर नवोदय विद्यालय, माना (रायपुर) में हुआ। उन्होंने वहां 12वीं तक की पढ़ाई की। बाद में महासमुंद के वल्लभाचार्य शासकीय महाविद्यालय से अर्थशास्त्र में बीए करते हुए उन्होंने यूपीएसएसी और अन्य परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी।
उन्होंने बताया कि वह पहले भारतीय स्टेट बैंक की परीक्षा में सफल हुए और 2009 से 2011 तक पश्चिम बंगाल की एक शाखा में काम किया। बड़ा लक्ष्य पाने के इरादे से उन्होंने अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए नौकरी से इस्तीफा दे दिया।
लेकिन इस दौरान वर्ष 2012 में संजय को पता चला कि उन्हें लार ग्रंथियों में कैंसर है, तब उन्हें सपनों के टूटने का अहसास हुआ।
संजय कहते हैं कि जब उन्हें जानकारी मिली कि उन्हें जानलेवा बीमारी है तब वह निराश तो हुए लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी। 2012 से 2018 के बीच मुंबई में इलाज के दौरान, उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए कोशिश करना जारी रखा। इस दौरान, उन्होंने 2013 से 2017 तक रायपुर में आईडीबीआई बैंक में भी काम किया। बाद में, वह महासमुंद डाकघर के बैंकिंग शाखा में शामिल हो गए और 2017 से 2018 तक वहां काम किया।
उन्होंने बताया कि आखिरकार यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए खुद को पूरी तरह से समर्पित करने के इरादे से उन्होंने अपनी तीसरी सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया।
संजय ने बताया कि उन्होंने 2022 में यूपीएससी की परीक्षा देना शुरू किया। अपने पहले दो प्रयासों में निराशा का सामना करने के बाद, उन्होंने अपनी कमजोरियों का विश्लेषण किया और गुरुओं के मार्गदर्शन में अपनी तैयारी जारी रखी। उनकी लगन का फल तब मिला जब यूपीएससी 2025 के नतीजे घोषित हुए, जिसमें उन्होंने 946वीं रैंक हासिल की।
अपनी उपलब्धि के बारे में बात करते हुए, संजय कहते हैं, ‘‘मैं सिविल सर्विस के माध्यम से देश की सेवा करना चाहता हूं। यदि आईएएस कैडर मिलता है, तब लक्ष्य समाज और उसके विकास के लिए काम करना है।’’
उन्होंने कहा कि यदि उन्हें कोई दूसरी सेवा भी मिलती है, तब भी लोक सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता मजबूत रहेगी।
उन्होंने अपनी सफलता के लिए अपने परिवार, गुरुजनों और दोस्तों को श्रेय दिया, जो उनकी बीमारी और तैयारी के सफर, दोनों में उनके साथ खड़े रहे।
महासमुंद के जिलाधिकारी विनय कुमार लंगेह और जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे ने संजय को उनकी इस कामयाबी के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
भाषा सं संजीव सुरभि
सुरभि

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