Baba Ramdev IBC24 Office Visit: IBC24 की पत्रकारिता के मुरीद हुए स्वामी रामदेव, जमकर की तारीफ, कहा- MP-CG में चैनल ने हासिल किया नया मुकाम

IBC24 की पत्रकारिता के मुरीद हुए स्वामी रामदेव, जमकर की तारीफ, Swami Ramdev became a fan of IBC24's journalism

Baba Ramdev IBC24 Office Visit: IBC24 की पत्रकारिता के मुरीद हुए स्वामी रामदेव, जमकर की तारीफ, कहा- MP-CG में चैनल ने हासिल किया नया मुकाम
Modified Date: August 17, 2026 / 10:43 pm IST
Published Date: August 17, 2026 10:43 pm IST

रायपुर। योगगुरु स्वामी रामदेव सोमवार को मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के नंबर-1 न्यूज चैनल IBC24 के कार्यालय पहुंचे। उनके साथ आचार्य बालकृष्ण और भारतीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन एनपी सिंह भी मौजूद रहे। IBC24 पहुंचने पर गोयल ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन सुरेश गोयल और डायरेक्टर दिनेश गोयल ने उनका स्वागत किया।

इस दौरान स्वामी रामदेव ने गोयल ग्रुप ऑफ कंपनीज और IBC24 की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि IBC24 ने छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश से लेकर उत्तर प्रदेश समेत अन्य क्षेत्रों में भी सफलता के नए मुकाम हासिल किए हैं। उन्होंने कहा कि चैनल ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। स्वामी रामदेव ने IBC24 के स्टूडियो, आधुनिक तकनीक और उपलब्ध सुविधाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सबसे खास बात यह है कि यहां निर्भीक पत्रकार काम कर रहे हैं। उद्यमिता के साथ मीडिया संस्थान चलाना बड़ी चुनौती है और गोयल ग्रुप के चेयरमैन सुरेश गोयल इस चुनौती का सामना करते हुए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरेश गोयल ने हजारों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है। इसके साथ ही गोयल ग्रुप ऑफ कंपनीज शिक्षा, चिकित्सा और अन्य सकारात्मक गतिविधियों को भी बढ़ावा दे रही है। उन्होंने समूह की विभिन्न पहलों की भी प्रशंसा की।

बौद्धिक रूप से भ्रमित लोग ही ‘दिमागी नक्सली’- रामदेव

IBC24 के एडिटर-इन-चीफ रविकांत मित्तल ने इस दौरान स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण और एनपी सिंह से विभिन्न मुद्दों पर सवाल किए। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘दिमागी नक्सली’ शब्द के इस्तेमाल से जुड़े सवाल पर स्वामी रामदेव ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि किसी को ‘बौद्धिक नक्सली’ या ‘बौद्धिक आतंकवादी’ कहने के बजाय ‘बौद्धिक रूप से भ्रमित लोग’ कहना अधिक उचित और कम चुभने वाला शब्द है। उन्होंने कहा कि देश में बौद्धिक रूप से भ्रमित लोगों की संख्या काफी है। ऐसे लोग खुद भी भ्रमित रहते हैं और बच्चों तथा युवाओं को भी भ्रमित करते हैं। स्वामी रामदेव ने कहा कि कुछ लोग ऐसी धारणा बनाने का प्रयास करते हैं कि देश में कुछ अच्छा नहीं हो रहा और देश गर्त में जा रहा है। उनकी बातें सुनने पर ऐसा लगता है कि जैसे देश के सामने सब कुछ खत्म होने की स्थिति आ गई हो। उन्होंने कहा कि हमें अपनी ताकत को समझना चाहिए और उसका उपयोग देश को आगे बढ़ाने में करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश की कमजोरियों का मूल्यांकन करना और उनमें लगातार सुधार करना भी जरूरी है। यही लोकतंत्र और संविधान की भावना है और हमारे पूर्वजों ने भी इसी दृष्टिकोण के साथ देश को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि देश में बौद्धिक रूप से अराजकता फैलाने के बजाय स्वस्थ लोकतांत्रिक और संवैधानिक संवाद को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।