एक्शन में भागवत-नड्डा.. तय होगा ‘फाइनल’ एजेंडा! क्या छत्तीसगढ़ में नेताओं की जमघट भाजपा सत्ता दिलाएगी?

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Will BJP get power in Chhattisgarh by gathering of leaders?

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  • Publish Date - September 6, 2022 / 12:06 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:42 PM IST

BJP get power in Chhattisgarh

रायपुरः BJP get power in Chhattisgarh पहले प्रभारी की नसीहतें, फिर संगठन में बदलाव, अमित शाह का अल्प प्रवास और अब संघ प्रमुख मोहन भागवत और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा का एक ही वक्त पर छत्तीसगढ़ आने का कार्यक्रम 3 से 4 दिन तक संघ, भाजपा और अनुषांगिक संगठनों के देशभर के प्रमुखों के इस जमावड़े से संकेत साफ हैं कि 2023 से पहले भाजपा के प्रदेश में खिसके जनाधार को संभालने के लिए आलाकमान का पूरा ध्यान अब प्रदेश पर है। तो क्या ये जमावट भाजपा को सत्ता दिला पाएगी? क्या संघ-भाजपा की ये कवायद कांग्रेस के लिए चुनौतियां बढ़ाएगी?

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BJP get power in Chhattisgarh चुनाव से पहले छत्तीसगढ़ में संघ फिर एक्टिव होने जा रहा है। RSS के समन्वय समिति की बैठक छत्तीसगढ़ में 10, 11और 12 सितंबर को होनी है। इसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत, सहित 36 अनुषांगिक संगठन के अखिल भारतीय अध्यक्ष, महामंत्री और संगठन महामंत्री शामिल होंगे। इसमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष भी शामिल होंगे। निश्चित रूप से इस दौरान संघ और बीजेपी के समन्वय पर चर्चा होगी। मिशन 2023 की तैयारी और बीजेपी का चुनावी एजेंडा क्या होगा? इस पर तीन दिन इस पर भी मंथन होगा। प्रदेश बीजेपी में बड़े बदलाव के बाद पहली बार भागवत और नड्डा प्रदेश दौरे को चुनाव की तैयारियों से जोड़ा जा रहा है। हालांकि बीजेपी और संघ के पदाधिकारी सीधे-सीधे कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

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जाहिर है सत्ता से बेदखल होने के बाद बीजेपी की जड़ें काफी कमजोर हुई है। पिछले 4 सालों में सत्तारूढ़ कांग्रेस हर मोर्चे पर उस पर बीस ही साबित हुई है। लिहाजा कांग्रेस भी तंज कस रही है कि छत्तीसगढ़ बीजेपी का अस्तित्व खतरे में है, इसलिए संघ और राष्ट्रीय नेताओं को छत्तीसगढ़ भेजा जा रहा है। संघ की बड़ी बैठक और उसमें भागवत और नड्डा का शामिल होना साफ इशारा है कि 2018 के बाद कमजोर हुई बीजेपी की जड़ों को सिंचित करने की कवायद है। 3 दिन तक बीजेपी और संघ साथ मिलकर मंथन करेंगे। ताकि मिशन 2023 के लिए फाइनल एजेंडा तय हो सके।