भोपाल गैस त्रासदी की 35वीं बरसी, पीड़ितों ने प्रधानमंत्री से पूछा- किसके तरफ है आप... | 35th anniversary of Bhopal gas Scandal, Whose side is the prime minister on

भोपाल गैस त्रासदी की 35वीं बरसी, पीड़ितों ने प्रधानमंत्री से पूछा- किसके तरफ है आप…

भोपाल गैस त्रासदी की 35वीं बरसी, पीड़ितों ने प्रधानमंत्री से पूछा- किसके तरफ है आप...

:   Modified Date:  November 29, 2022 / 08:24 PM IST, Published Date : December 2, 2019/4:22 am IST

भोपाल। आज से ठीक 34 साल पहले 2 और 3 दिसम्बर की दरमियानी रात पूरी दुनिया के औद्योगिक इतिहास की सबसे बड़ी दुर्घटना यानि भोपाल गैस त्रासदी घटी। इस घटना ने भोपाल का इतिहास कुछ इस कदर लिख दिया कि उसमें केवल दुख और दर्द ही नजर आता है। इस त्रासदी में हजारों लोगों ने अपनी जान गंवाई तो लाखों लोग इस त्रासदी के परिणामों को आज भी झेल रहे हैं।

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इस त्रासदी में अपने पिता, मां, बहन, भाई को खोने वाले पीड़ितों के परिजन अभी भी इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं। 35वीं वर्षगाठ पर पीड़ितों ने यूनियन कार्बाइड कीटनाशक संयंत्र के पास (जहां गैस रिसाव 1984 में हुआ था) मानव श्रृंखला बनाकर न्याय की मांग के साथ स्वतंत्र और विशेष चिकित्सा देखभाल की गुहार लगाई। हाथ बैरन पोस्टर के जरिए प्रधानमंत्री से पूछा कि आप किस तरफ है। इस मानव श्रृंखला में बच्चों से लेकर बुजुर्ग और महिलाएं बड़ी संख्या में प्रदर्शन कर रहे थे।

<blockquote
class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">Madhya Pradesh:
Survivors of the 1984 Bhopal Gas Tragedy formed a human chain, yesterday
on the eve of the 35th anniversary of the tragedy, near the Union
Carbide pesticide plant (where the gas leak took place in 1984)
demanding justice, and free &amp; special medical care. (01.12)
<a
href="https://t.co/sDwbdd5J96">pic.twitter.com/sDwbdd5J96</a></p>&mdash;
ANI (@ANI) <a
href="https://twitter.com/ANI/status/1201264248615161856?ref_src=twsrc%5Etfw">December
1, 2019</a></blockquote>
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charset="utf-8"></script>

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आज ही के दिन 2 दिसंबर 1984 की काली रात की सुबह आज भी नहीं हो सकी है। तीन दशक से ज्यादा लंबे संघर्ष के बावजूद पीड़ितों को आज भी इंसाफ नहीं मिल सका है। सरकारें बदलती रही, अदालतों में सुनवाई चलती रही पर न्याय के लिये संघर्ष अब भी जारी है।

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भोपाल में गैस त्रासदी पूरी दुनिया के औद्योगिक इतिहास की सबसे बड़ी दुर्घटना है। 2 दिसंबर, 1984 को आधी रात के बाद सुबह होने तक यूनियन कार्बाइड फैक्टरी से निकली जहरीली गैस ने हजारों लोगों की जान ले ली थीं। उस दिन यूनियन कार्बाइड के प्लांट नंबर ‘सी’ में हुए रिसाव से बने गैस के बादल को हवा के झोंके अपने साथ बहाकर ले जा रहे थे। और लोग मौत की नींद सोते जा रहे थे।

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सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस दुर्घटना के कुछ ही घंटों के भीतर तीन हजार लोग मारे गए थे। हालांकि गैरसरकारी आकड़ों की बात माने तो। ये संख्या करीब तीन गुना ज्यादा थी। मौत की प्यासी यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री आज भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। क्योंकि कई सौ टन कार्बाइड का कचरा आज भी वहीं जमीन के नीचे दबा हुआ हैं हैरत इस बात की है कि 34 साल बाद भी इस एरिया में रहे रही तीसरी पीढी आज भी अपंग पैदा हो रही है।

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