BJP ने कांग्रेस विधायक प्रकाश नायक पर लगाया गंभीर आरोप, कहा- शपथ पत्र में निर्वाचन आयोग से छिपाई जानकारी
BJP ने कांग्रेस विधायक प्रकाश नायक पर लगाया गंभीर आरोप, कहा- शपथ पत्र में निर्वाचन आयोग से छिपाई जानकारी
रायगढ़: लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर सियासी गलियारों में सरगर्मी चरम पर है। छत्तीसगढ़ में भी हालात कोई अलग नहीं हैं, यहां भी राजनीतिक बयानबाजी का दौर भी जोरों पर है। इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। खबर है कि भाजपा ने रायगढ़ विधायक पर निर्वाचन आयोग को गुमराह करने का आरोप लगाया है। भाजपा का कहना है कि विधायक प्रकाश नायक ने अपने विधानसभा चुनाव के शपथ पत्र में निर्वाचन आयोग को गलत जानकारी दी है।
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भाजपा का कहना है कि विधानसभा चुनाव 2018 के शपथ पत्र में विधायक प्रकाश नायक ने खुद को किसान बताया है जबकि उनके नाम पर सरिया इलाके में पत्थऱ की खदान है। इतना ही नहीं उन्होने खुद को जीएसटी के दायरे से भी बाहर बताया है। ऐसे में कांग्रेस का दोहरा चरित्र उजागर हुआ है, लोगों की सहानुभूति हासिल करने के लिए इस तरह की गलत जानकारी देना कांग्रेस विधायक को शोभा नहीं देता।
मामले में कांग्रेस ने विधायक प्रकाश नायक का बचाव किया है। कांग्रेस का कहना है कि प्रकाश नायक ने पत्थर खदान के पास लीज जरूर है लेकिन इसका व्यवसायिक उपयोग नहीं किया गया है। खदान बंद पड़ी है। कुछ दिन पहले खदान से उत्खऩन कर कुछ पत्थऱ निकाले गए थे, जिससे घर की बाउंड्रीवाल बनाई गई है। न कि इसका विक्रय किया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि विधायक का उत्खनन का कोई कारोबार ही नहीं है, ऐसे में जानकारी छिपाने जैसी कोई बात नहीं है। इसे बेवजह मुद्दा बनाया जा रहा है।
जिला भाजपा अध्यक्ष जवाहर नायक का कहना है कि प्रकाश नायक के नाम से खदान संचालित है लेकिन उन्होने जानकारी छिपाई है लोगों की संवेदना हासिल करने के लिए खुद को किसान बताना अनुचित है।
मामले का लेकर जिला कांग्रेस प्रवक्ता अनिल शुक्ला ने कहा कि भाजपा का ये आरोप सरासर गलत है, मूल रूप से विधायक प्रकाश नायक किसान हैं। किसानी कर परिवार का पालन करते हैं, कोई व्यापार नही करते। सहसपाली मे घरेलू उपयोग के लिए साधारण पत्थऱ की एक लीज ली गई थी। केवल छह ट्राली पत्थर निकालकर घर की बाउंड्रीवाल बनाई है। निर्वाचन फार्म में कहीं कोई कालम नहीं है, जिसमें व्यवसाय का उल्लेख हो। आज भी जाकर देख लें कहीं कोई उत्खनन नहीं हुआ है।
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