मां नर्मदा मंदिर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की पूजा अर्चना, प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की

मां नर्मदा मंदिर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की पूजा अर्चना, प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की

मां नर्मदा मंदिर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की पूजा अर्चना, प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की
Modified Date: November 29, 2022 / 08:12 pm IST
Published Date: October 29, 2020 3:19 pm IST

अमरकंटक। तीन दिन के चुनावी दौरे पर मरवाही पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज अमरकंटक में मां नर्मदा मंदिर में पूजा अर्चना की। सीएम ने पूजा कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की। उनके साथ प्रदेश के आबकारी मंत्री कवासी लखमा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री और मंत्री ने मां नर्मदा की आरती कर प्रार्थना की।

Read More News: चुनावी सभाओं में कोरोना गाइड का उल्लंघन, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद याचिकाकर्ता ने 9 कलेक्टरों और एसपी को भेजा नोटिस

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अमरकंटक को हवाई मार्ग से क्रॉस नहीं करने की राजनैतिक मान्यता का पालन किया। दरअसल राजनेताओं को हवाई मार्ग से अमरकंटक आना और नर्मदा को अमरकंटक में क्राॅस करना अपशगुन माना जाता है। 

Read More News: कमलनाथ का ताबड़तोड़ प्रचार जारी, केंद्रीय मंत्री सहित कई वरिष्ठ बीजेपी नेता करेंगे चुनावी सभाएं

वहीं मुख्यमंत्री ने हेलीकाॅप्टर से अमरकंटक जाने की बजाय जोगीसार की सभा के बाद हेलीकाप्टर से पेंड्रा आए और यहां से सड़कमार्ग से अमरकंटक के लिए रवाना हुए। वहीं साधु संतों की तपोभूमि पर पहुंचने के बाद यहां मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मां नर्मदा को प्रणाम कर पूजा अर्चना की।

Read More News: BJP कार्यकारी मंडल अध्यक्ष के साथ बैठक में मारपीट, पूर्व विधायक के समर्थकों पर लगे आरोप

बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 30 अक्टूबर को पहली सभा मध्यप्रदेश के अनूपपुर के जैतहरी में करने जाने के लिए सड़कमार्ग से ही पेंड्रा आएंगे। यहां से हेलीकाप्टर से जैतहरी और मरवाही के दानीकुंडी और बस्तीबगरा में चुनावी सभाएं करेंगे। मुख्यमंत्री ने इस बारे में कहा कि जो मान्यता है उसको हमको पालन करना चाहिये अमरकंटक में एक से बढ़कर एक साधु संत वहां रहते हैं ऐसे में जो मान्यता है उसको मानना ही चाहिए।

Read More News: चुनावी सभा में खाली कुर्सी देख पूर्व सीएम उमा भारती हुई नाराज, आयोजकों को लगाई फटकार


लेखक के बारे में