कथित जातीय उत्पीड़न की वजह से डॉक्टर सुसाइड केस में जल्द हो सकता है बड़ा खुलासा, एंटी रैगिंग कमेटी ने MCI को भेजी रिपोर्ट

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कथित जातीय उत्पीड़न की वजह से डॉक्टर सुसाइड केस में जल्द हो सकता है बड़ा खुलासा, एंटी रैगिंग कमेटी ने MCI को भेजी रिपोर्ट

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  • Publish Date - October 14, 2020 / 01:55 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:13 PM IST

जबलपुर। नेता जी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के छात्र डॉक्टर भागवत देवांगन की कथित जातीय उत्पीड़न के बाद आत्महत्या करने के मामले में एक बड़ा खुलासा होने की बात की जा रही है, मेडिकल कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी ने अपनी जांच पूरी कर एमसीआई नई दिल्ली को भेज दी है, वहीं जबलपुर पुलिस द्वारा की जा रही जांच में भी रैंगिंग होने की बात की जा रही है। पुलिस संभवत: एक या दो दिन में इसका खुलासा कर सकती।

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दरअसल जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में ऑर्थोपेडिक में पीजी कर रहे छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा के रहने वाले 28 साल के भागवत देवांगन ने कॉलेज के हॉस्टल में 2 अक्टूबर को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद मृतक भागवत देवांगन के परिजनों ने जातीय प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए हॉस्टल के ही 5 सीनियर डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। जिसके बाद छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने मामले में दखल देते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप कर परिजनों की मदद करने का आग्रह किया था, मामला गरमाने के बाद जबलपुर की गढ़ा थाना पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की, वहीं मामले एमसीआई तक पहुंचने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मामले की जांच का जिम्मा एंटी रैगिंग कमेटी को सौंपा था।

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इसके बाद मेडिकल कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी ने अपनी जांच पूरी कर बंद लिफाफे में जांच रिपोर्ट एसीआई को भेजी है, नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कालेज की एंटी रैगिंग कमेटी के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ संजय तोतड़े के मुताबिक उनकी समिति द्वारा रैंगिग की जांच पूरी कर ली गई, जांच में जो भी तथ्य आए हैं, उन्हें एक रिपोर्ट बनाकर 13 अक्टूबर को मेडिकल कांउसिल ऑफ इंडिया नई दिल्ली को भेजी गई है,अब एमसीआई ही इसमें फैसला करेगी, हालांकि जांच रिपोर्ट की गोपनीयता का हवाला दे रहे एंटी रैगिंग कमेटी के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ संजय तोतड़े यह बताने से इंकार कर दिया है कि आखिर जांच रिपोर्ट में प्रताड़ना की बात सामने आई है या नहीं, प्रोफेसर डॉ संजय तोतड़े का कहना है कि मामला गोपनीय है, जो सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। इसे सार्वजनिक करने का अधिकार सिर्फ एमसीआई को है। पुलिस ने भी आत्महत्या के कारणों में अपनी जांच पूरी कर ली है,और संभवत: वह भी एक या दो दिन में इसका खुलासा कर सकती है। हालांकि इस पूरे मामले में रैगिंग की बात को कोई नहीं नकार रहा है । लिहाजा यही कहा जा रहा है कि मृतक के परिजनों में प्रताड़ना के जो आरोप लगाए थे, वह कहीं न कहीं सत्य प्रतीत हो रहे हैं, और पुलिस इस मामले में 4-5 सीनियरों के खिलाफ जल्द ही एफआईआर दर्ज कर सकती है। गढ़ा ज़ोन के सीएसपी रोहित काशवानी के अनुसार हम मामले की तह तक पहुंच चुके हैं। एंटी रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार है इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।