Vande Bharat/Image Source: AI generated
Vande Bharat: नई दिल्ली: ईरान-अमेरिका-इज़राइल के बीच संघर्ष के सातवें दिन तबाही का नया पैगाम मिला। दिन-ब-दिन विध्वंस और नुकसान के बढ़ते आंकड़ों के बीच शीर्ष नेताओं के बयान बेहद निराशाजनक और घोर युद्धकारक नजर आते हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी बात थोपते हुए, ईरान की जनता को मैसेज दिया कि वो अपना ‘सुप्रीम लीडर’ उनकी मर्जी के बिना नहीं चुन सकते। (Vande Bharat) जाहिर है ये बात किसी भी देश, उसकी सेना या जनता को स्वीकार नहीं हो सकती।
ईरान का शिराज शहर शुक्रवार सुबह धमाकों से दहल उठा। इजराइल और अमेरिकी वायुसेना ने यहां के जीबाशहर इलाके में भीषण बमबारी की है। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि, ये हमले सैन्य ठिकानों पर नहीं, बल्कि आम लोगों के घरों पर हुए हैं। इस हमले में अब तक 20 लोगों के मारे जाने की खबर है, जिनमें दो मेडिकल कर्मचारी भी शामिल है। शहर के अस्पताल घायलों से भरे हुए हैं और कई इलाकों में बिजली-पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप हो चुकी है, लेकिन ईरान भी खामोश नहीं है..लोरेस्तान की (Vande Bharat) पहाड़ियों में ईरानी डिफेंस सिस्टम ने अपनी ताकत दिखाई है.. यहां अमेरिका के सबसे घातक MQ-9 रीपर ड्रोन और इजराइल के Hermes-900 ड्रोन को मार गिराया गया है। ईरान का दावा है कि, उसने कुवैत और बहराइन में मौजूद कम से कम 20 अमेरिकी बेस को भारी नुकसान पहुंचाया है।
Vande Bharat: इस युद्ध के बीच अब कूटनीतिक गलियारों से एक ऐसी खबर आई है जिसने दुनिया को चौंका दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के भविष्य पर अपना फैसला सुना दिया है। ट्रम्प ने दो टूक कहा कि, ईरान को नया सुप्रीम लीडर चुनने के लिए अमेरिका की मंजूरी लेनी होगी। उन्होंने अयातुल्ला खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को अगला नेता मानने से साफ इनकार कर दिया है। ट्रम्प का कहना है कि अगर नया नेता भी पुरानी राह पर चला, तो ईरान का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। जिसपर ईरानी उप-विदेश मंत्री ने कहा कि, ट्रम्प न्यूयॉर्क का मेयर नियुक्त नहीं कर सकते, हमारा लीडर क्या खाक तय करेंगे।
जंग की ये आग अब दुनिया की जेब पर भारी पड़ रही है। (Vande Bharat) फ्रांस के परिवहन मंत्री ने पुष्टि की है कि, फारस की खाड़ी और रेड सी में उनके 60 जहाज फंस गए हैं। अंतरराष्ट्रीय व्यापार का ये रास्ता बंद होने से आने वाले दिनों में ईंधन और सामान की किल्लत बढ़ सकती है। जिसपर ईरानी मंत्री ने कहा कि..हमने अभी तक होर्मुज स्ट्रैट को बंद नहीं किया है। हम इसकी घोषणा करेंगे।
Vande Bharat: उधर, भारत ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी नजर बनाई हुई है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने दिल्ली में ईरानी दूतावास जाकर अयातुल्ला खामेनेई के निधन पर शोक जताया और भारत की ओर से संवेदनाएं प्रकट कीं। युद्ध के सात दिन और तबाही का मंजर लगातार बढ़ता जा रहा है।
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