सीएम के ट्वीट के बाद आदिवासी महिला के गांव पहुंची हैंडपंप खनन मशीन, श्रद्धालुओं के लिए डेढ़ किमी दूर से लाती हैं पानी

सीएम के ट्वीट के बाद आदिवासी महिला के गांव पहुंची हैंडपंप खनन मशीन, श्रद्धालुओं के लिए डेढ़ किमी दूर से लाती हैं पानी

सीएम के ट्वीट के बाद आदिवासी महिला के गांव पहुंची हैंडपंप खनन मशीन, श्रद्धालुओं के लिए डेढ़ किमी दूर से लाती हैं पानी
Modified Date: November 29, 2022 / 07:56 pm IST
Published Date: June 14, 2019 11:55 am IST

खरगोन। मुख्यमंत्री कमलनाथ के ट्वीट के बाद हैडपंप खनन की बोरिंग मशीन आदिवासी महिला सुरमी बाई के गांव पहुंच गई है। कांग्रेस विधायक झूमा सोलंकी और कलेक्टर गोपालचंद्र डाड़ की मौजूदगी में खनन भी शुरु हो गया है। पेयजल संकट होने के चलते बुजुर्ग आदिवासी महिला प्रतिदिन डेढ़ किमी दूर से पानी लेकर हनुमान मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को पानी पिला रही थी।

सीएम कमलनाथ ने इस बात की जानकारी मिलने के बाद 11 जून को ट्वीट किया था कि चित्तोड़गढ़-भुसावल राष्ट्रीय मार्ग पर पेलोना गाँव की बुज़ुर्ग सुरमीबाई को अब हनुमान मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिये पीने के पानी की व्यवस्था करने के लिये डेढ़ किमी. दूर पैदल नहीं जाना पड़ेगा। मंदिर के पास सरकार की तरफ़ से एक बोरिंग स्वीकृत किया जा रहा है।

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बता दें कि सुरमीबाई के घर के पास हनुमानजी का मंदिर है, जहां उनके पति काशीराम पुजारी हैं। मंदिर में दिनभर करीब 50 श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। हाइवे से गुजरने वाले वाहन भी रुक जाते हैं। सुरमीबाई श्रद्धालुओं को पानी पिलाती हैं। लेकिन मंदिर के आसपास कोई जलस्रोत नहीं है, इसलिए वे मंदिर से एक-डेढ़ किमी दूर नदी किनारे झीरे से पानी भरकर लाती हैं।


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