मैदान में ‘महारथी’ कहां हैं ‘राजा’ दिग्गी! चुनावी दंगल में क्या दिग्विजय सिंह पार्टी से दरकिनार कर दिए गए हैं?

मैदान में 'महारथी' कहां हैं 'राजा' दिग्गी! चुनावी दंगल में क्या दिग्विजय सिंह पार्टी से दरकिनार कर दिए गए हैं?

मैदान में ‘महारथी’ कहां हैं ‘राजा’ दिग्गी! चुनावी दंगल में क्या दिग्विजय सिंह पार्टी से दरकिनार कर दिए गए हैं?
Modified Date: November 29, 2022 / 08:20 pm IST
Published Date: October 9, 2020 5:32 pm IST

भोपाल: मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव प्रचार जोरों पर है। बीजेपी और कांग्रेस के दिग्गज नेता लगातार चुनावी रैलियां कर रहे हैं, लेकिन इन सबके बीच कांग्रेस के ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले दिग्विजय सिंह चुनावी रैलियों में दिखाई नहीं दे रही हैं। ऐसे में मध्य प्रदेश में सवाल उठ रहे है क्या चुनावी राजनीति से दिग्विजय सिंह को साइड लाइन किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में कई नेता दिखाई दे रहे है पर दिग्विजय सिंह की गैर मौजूदगी चर्चा का विषय बनी हुई है।

Read More: राज्य स्थापना दिवस-2020: ‘राज्य अलंकरण समारोह‘ का होगा वर्चुअल आयोजन, मुख्य सचिव ने समय-सीमा में सभी कार्यवाही पूरा करने के दिए निर्देश

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह मध्यप्रदेश के चुनावी दंगल में क्या पार्टी से दरकिनार कर दिए गए हैं? सूबे में वोटिंग के लिए 5 हफ्ते भी नहीं बचे हैं। लिहाजा ऐन चुनाव के वक्त दिग्विजय मध्य प्रदेश से गायब नजर आ रहे है? क्या वो सचमुच दरकिनार किए जा रहे हैं या इस बार एक ‘रणनीति’ के तहत ऐसा किया जा रहा है? यह रणनीति है तो किसकी है, कांग्रेस नेतृत्व की या फिर खुद दिग्विजय की? ये सवाल आज कल सियासी गलियारों में चर्चाओं में हैं। वहीं बीजेपी कांग्रेस में दिग्विजय को दरकिनार किए जाने से चिंतित नजर आ रही है। बीजेपी कह रही है कि कांग्रेस के पास एक चेहरा ही नहीं है। जनता उसे वोट दे तो किसको देखकर?

Read More: कांग्रेस चुनाव समिति ने भेजा डॉ केके धुव्र, गुलाब राज सहित 4 नामों का पैनल, AICC लगाएगी अंतिम मुहर

देश और मध्य प्रदेश की सियासत में चुनाव में हमेशा दिग्विजय सिंह बीजेपी के निशाने पर लिया जाने वाला सबसे बड़ा चेहरा है! बीते 25 साल में अब तक के हर चुनाव बीजेपी ने अगर किसी को टारगेट पर रखा है तो वे राघौगढ़ के राजा ही हैं। बीजेपी नेताओं के भाषण ‘मिस्टर बंटाधार’ ने 2003 में बीजेपी को बड़ी सफलता दिलाई थी! चुनाव में बीजेपी का प्रचार जिक्र के बिना खत्म नहीं होता । लोगों को दस साल के उनके राज में सड़क, बिजली, पानी के हाल की याद दिलाई जाती है। बीजेपी दिग्विजय को हर हाल में भड़काने की कोशिशें की जा रही हैं। ताकि वे कुछ बोलें, करें। लेकिन दिग्विजय ‘बैकरूम बॉय’ बने हुए हैं। यही बीजेपी की बेचैनी की वजह है। हालांकि कांग्रेस दिग्विजय सिंह की सक्रियता को लेकर कुछ और ही कहानी बता रही है।

Read More: #IBC24AgainstDrugs: ‘क्वींस क्लब’ के किंग्स पर मेहरबान कौन? बड़े ड्रग्स पैडलर्स के खुलासे पर पुलिस क्यों मौन?

दिग्विजय सिंह अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते है उनकी बेबाकी कई बार मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में कांग्रेस में भारी पड़ी है। राजनीतिक उठापटक के वही माहिर खिलाड़ी दिग्विजय सिंह 2018 के चुनाव में जब कैमरे के सामने कहते नज़र आये थे वो चुनावों में इसलिए प्रचार नहीं करते क्योंकि प्रचार करने से पार्टी के वोट कटते हैं’, तो सवाल उठता है कि क्या एक वक़्त राजनीति के चाणक्य, वर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के राजनीतिक गुरु कहे जाने वाले दिग्विजय अब पार्टी में वास्तव में हाशिये पर धकेले जा चुके हैं? या जान बूझकर उन्हें चुनावी राजनीती से दूर रखा जा रहा है।

Read More: चुनाव समिति की बैठक के बाद PCC प्रभारी पीएल पुनिया बोले- एक-दो दिन में हो जाएगा मरवाही सीट के उम्मीदवार के नाम का ऐलान


लेखक के बारे में

"दीपक दिल्लीवार, एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 10 साल का एक्सपीरिएंस है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक ऑनलाइन समाचार वेबसाइट से की थी, जहां उन्होंने राजनीति, खेल, ऑटो, मनोरंजन टेक और बिजनेस समेत कई सेक्शन में काम किया। इन्हें राजनीति, खेल, मनोरंजगन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और बिजनेस से जुड़ी काफी न्यूज लिखना, पढ़ना काफी पसंद है। इन्होंने इन सभी सेक्शन को बड़े पैमाने पर कवर किया है और पाठकों लिए बेहद शानदार रिपोर्ट पेश की है। दीपक दिल्लीवार, पिछले 5 साल से IBC24 न्यूज पोर्टल पर लीडर के तौर पर काम कर रहे हैं। इन्हें अपनी डेडिकेशन और अलर्टनेस के लिए जाना जाता है। इसी की वजह से वो पाठकों के लिए विश्वसनीय जानकारी के सोर्स बने हुए हैं। वो, निष्पक्ष, एनालिसिस बेस्ड और मजेदार समीक्षा देते हैं, जिससे इनकी फॉलोवर की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। काम के इतर बात करें, तो दीपक दिल्लीवार को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है। वो हेल्दी वर्क लाइफ बैलेंस करने में यकीन रखते हैं।"