MP Ki Baat: अब दलाल गैंग पर टेढ़ी नजर! आखिर मंत्रियों को इस वक्त चेताने की जरुरत क्यों पड़ी?

MP Ki Baat: अब दलाल गैंग पर टेढ़ी नजर! आखिर मंत्रियों को इस वक्त चेताने की जरुरत क्यों पड़ी?

MP Ki Baat: अब दलाल गैंग पर टेढ़ी नजर! आखिर मंत्रियों को इस वक्त चेताने की जरुरत क्यों पड़ी?
Modified Date: November 29, 2022 / 08:03 pm IST
Published Date: January 7, 2021 5:06 pm IST

भोपालः अपनी चौथी पारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के तेवर बदले नजर आ रहे हैं, फिर चाहे माफिया को खुलेआम धमकी देना होना, लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाना या नौकरशाही पर नकेल कसना। मुख्यमंत्री अपनी मामा वाली सौम्य छवि के विपरीत सख्त दिख रहे हैं, यहां तक कि वो अपने मंत्रियों को स्टॉफ भी सोच-समझकर रखने के निर्देश भी दे रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि मुख्यमंत्री शिवराज को इसकी जरूरत क्यों पड़ी?

Read More: स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया मेडिकल बुलेटिन, छत्तीसगढ़ में आज 7 कोरोना मरीजों की मौत, 1010 नए संक्रमितों की पुष्टि

ये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के तेवर हैं। जब वो कोलार गेस्ट हाउस में अपने मंत्रियों के साथ आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश को लेकर चर्चा कर रहे थे, नौ महीने की सरकार में तीन मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मुख्यमंत्री अब पूरी तरह से टॉप गियर लगाने की तैयारी में है और इसलिए ही उन्होंने 9 घंटे तक मंत्रियों के साथ हर विभाग की समीक्षा की। लेकिन मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद कुछ सवाल भी खड़े हो रहे हैं। क्या मुख्यमंत्री को अपने मंत्रियों के व्यवहार को लेकर कुछ इनपुट मिले हैं? आखिर मंत्रियों को इस वक्त चेताने की जरुरत क्यों पड़ी? सवाल ये भी है कि मंत्रियों के निजी स्टॉफ को लेकर क्या कुछ शिकायतें मिली है? कांग्रेस भी अब सीएम के इस बयान को लेकर आरोप लगा रही है।

Read More: आम बजट 2021 की तैयारियों में जुटी केंद्र सरकार, शुक्रवार को अर्थशास्त्रियों के साथ चर्चा करेंगे पीएम मोदी

वैसे मंत्रियों के साथ बैठक से ठीक पहले मुख्यमंत्री ने हर जिले के कलेक्टर एसपी से भी चर्चा की। दरअसल सीएम की कोशिश है कि प्रशासनिक कसावट को धार देकर विकास के कामों को रफ्तार दी जाए। इस पर बीजेपी नेताओं का कहना है कि अपने साथियों के साथ अनुभव बांटने में क्या बुराई है।

Read More: ममता बनर्जी के सांसद भतीजे अभिषेक ने आकाश विजयवर्गीय और दिलीप घोष को बताया गुंडा, कैलाश विजयवर्गीय के लिए कही ये बात…

अपने 14 साल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री के तेवर इतने तीखे नहीं रहे। मुमकिन है कि वो अपने साथ काम करने वाले मंत्रियों को अपने काम करने के तरीके के बारे में समझाना चाहते हो। कुछ दिन पहले बीजेपी संगठन के स्तर पर इस पर भी चर्चा हुई थी। हर मंत्री के यहां पार्टी के किसी नेता को नियुक्त किया जाए ताकि यदि कोई गलती होती भी है तो उसे रोका जा सके।

Read More: खिलाड़ियों को चुनने में भारत जाति-धर्म नहीं देखता, मोहम्मद सिराज के चुने जाने पर की प्रशंसा

 


लेखक के बारे में

"दीपक दिल्लीवार, एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 10 साल का एक्सपीरिएंस है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक ऑनलाइन समाचार वेबसाइट से की थी, जहां उन्होंने राजनीति, खेल, ऑटो, मनोरंजन टेक और बिजनेस समेत कई सेक्शन में काम किया। इन्हें राजनीति, खेल, मनोरंजगन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और बिजनेस से जुड़ी काफी न्यूज लिखना, पढ़ना काफी पसंद है। इन्होंने इन सभी सेक्शन को बड़े पैमाने पर कवर किया है और पाठकों लिए बेहद शानदार रिपोर्ट पेश की है। दीपक दिल्लीवार, पिछले 5 साल से IBC24 न्यूज पोर्टल पर लीडर के तौर पर काम कर रहे हैं। इन्हें अपनी डेडिकेशन और अलर्टनेस के लिए जाना जाता है। इसी की वजह से वो पाठकों के लिए विश्वसनीय जानकारी के सोर्स बने हुए हैं। वो, निष्पक्ष, एनालिसिस बेस्ड और मजेदार समीक्षा देते हैं, जिससे इनकी फॉलोवर की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। काम के इतर बात करें, तो दीपक दिल्लीवार को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है। वो हेल्दी वर्क लाइफ बैलेंस करने में यकीन रखते हैं।"