MP बॉर्डर पर नक्सल मूवमेंट बढ़ा, गृहमंत्री और DGP लेंगे सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा, CRPF की 6 कंपनियां की जाएंगी तैनात
MP बॉर्डर पर नक्सल मूवमेंट बढ़ा, गृहमंत्री और DGP लेंगे सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा, CRPF की 6 कंपनियां की जाएंगी तैनात
भोपाल। छत्तीसगढ़ के बस्तर और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में सुरक्षा एजेंसियों के दबाव के बाद मध्यप्रदेश में नक्सली मूवमेंट बढ़ गया है। खासतौर पर कान्हा-किसली टाइगर रिजर्व में पिछले दो-तीन महीनों में नक्सलियों की मूवमेंट देखी गई है। टाइगर रिजर्व के मुक्की क्षेत्र और मंडला में नक्सली मूवमेंट की जानकरी इंटेलीजेंस को मिली है। इसी को देखते हुए जनवरी-फरवरी में सीआरपीएफ की 6 कंपनियां मंडला-बालाघाट में तैनात की जाएंगी। इनमें 75 फीसदी लड़ाकू जवान होंगे।
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वहीं गृहमंत्री और DGP विवेक जौहरी जल्द बालाघाट जाएंगे , इस संबंध में गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का बयान भी सामने आया है। गृहमंत्री ने कहा कि सरकार नक्सलियों,आतंकियों का सफाया करेगी । बता दें कि नक्सलियों के मूवमेंट के स्थान पर CRPF की 6 कंपनियां तैनात की जाएगी।
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नवंबर में कान्हा के बफर क्षेत्र में एक नक्सली ऑपरेशन को भी अंजाम दिया जा चुका है। नक्सली गतिविधि बढ़ने के कारण हॉकफोर्स का मुख्यालय बालाघाट शिफ्ट कर दिया गया है। दरअसल दो साल बाद ये स्थिति बनी है कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाके में नक्सली देखे गए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि एक दिन पहले हुए ऑपरेशन में मारी गई मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की इनामी नक्सली शोभा और सावित्री का मूवमेंट कान्हा में ही देखा गया था।
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सूत्रों के मुताबिक मध्यप्रदेश में नक्सली, ग्रामीणों को ये कहकर भड़का रहे हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने में सरकार ने गलत ढंग अपनाया। इसी वजह से लोगों के रोजगार चले गए। हालांकि अभी तक पुलिस के पास ऐसी कोई सूचना नहीं है कि लोगों पर इसका असर हुआ है या नहीं, लेकिन पुलिस ने महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ सीमावर्ती जिलों में ऑपरेशन शुरु कर दिया है।

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