चोर की दाढ़ी में तिनका, पटवारी ने पूर्व मंत्री को दी नसीहत

चोर की दाढ़ी में तिनका, पटवारी ने पूर्व मंत्री को दी नसीहत

चोर की दाढ़ी में तिनका, पटवारी ने पूर्व मंत्री को दी नसीहत
Modified Date: November 29, 2022 / 08:52 pm IST
Published Date: July 28, 2019 10:22 am IST

भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने बीजेपी शासन के दौरान हुए कथित ई-टेंडर घोटाले की जांच के सिलसिले में पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा के दो पूर्व निजी सचिवों को हिरासत में लिया है।इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कमलनाथ सरकार को सबूतों के साथ सामने आने की चुनौती देते हुए कहा कि मामले में केवल छोटी मछलियों को निशाना बनाया जा रहा है।

ये भी पढ़ें- Watch Video: बीजेपी के मंत्री ने कांग्रेस के मुस्लिम MLA को ‘जय श्र…

नरोत्म मिश्रा के बयान पर कमलनाथ सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने पलटवार किया है। पटवारी ने कहा कि नरोत्तम मिश्रा का बयान देखकर लगता है जैसे चोर की दाढ़ी में तिनका।
नरोत्तम मिश्रा घबरा क्यों रहे हैं, अभी तो जांच शुरू हुई है।

ये भी पढ़ें- पूर्व लोकसभा स्पीकर ने आजम खान को लगाई लताड़, कहा- बहन से नहीं करते…

बता दें कि ईओडब्ल्यू की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया करते हुए पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसे राजनीति से प्रेरित कार्रवाई करार दिया था। उन्होंने कहा, ”जब ई-टेंडरिंग प्रक्रिया में छेड़छाड़ की बात सामने आई, तो हमने जांच का आदेश दिया था । इसके विपरीत वर्तमान सरकार ने उन एजेंसियों को ठेके दिये हैं जिनके खिलाफ पिछली सरकार ने इस अनियमितताओं में जांच का आदेश दिया था।” मिश्रा ने कहा, ”मैं कमलनाथ को चुनौती देता हूं कि वे तथ्यों और प्रमाणों के साथ आगे आएं। जिसमें हमें छेड़छाड़ की शिकायतें मिलीं थीं वे सभी टेंडर हमने रद्द कर दिये थे। न तो काम पूरा हुआ, न ही उन्हें कोई भुगतान किया गया.”

ये भी पढ़ें- लोकसभा में ट्रिपल तलाक बिल पास, विरोध में 82 तो समर्थन में 303 वोट …

नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि ई टेंडर को मंजूरी देने वाली समितियों में प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी शामिल होते हैं। यह जानने के बावजूद सरकार छोटी मछलियों को पकड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार अपना यह भ्रम दूर कर ले कि इससे हमारा कोई अभियान प्रभावित होगा. मालूम हो कि इस साल 10 अप्रैल को ईओडब्ल्यू ने 3,000 करोड़ रुपये के ई-टेंडर घोटाले में सात कंपनियों, सरकारी विभागों और अन्य (अज्ञात) राजनेताओं सहित अधिकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए थे।

<iframe width=”560″ height=”315″ src=”https://www.youtube.com/embed/7tkLWgaOxI8″ frameborder=”0″ allow=”accelerometer; autoplay; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture” allowfullscreen></iframe>


लेखक के बारे में