सरकार बदलने के बाद संघ कार्यालय की सुरक्षा हटी, गरमाई सियासत, जानिए क्या है पूरी बात
सरकार बदलने के बाद संघ कार्यालय की सुरक्षा हटी, गरमाई सियासत, जानिए क्या है पूरी बात
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में संघ कार्यालय ‘संविदा’ के बाहर सुरक्षा व्यस्था हटाए जाने पर सियासी पारा गरमा गया है। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने इसे साजिश बताते हुए चेतावनी दी है कि अगर स्वयं सेवकों को खरोंच भी आई तो ईंट से ईंट बजा दी जाएगी वहीं संघ के कटटर विरोधी कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी बाहर सुरक्षा हटाने को गलत बताया है।
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर संघ कार्यालय संविदा के बाहर सुरक्षा व्यवस्था हटाने का विरोध किया है। उन्होंने संघ कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था हटाए जाने को गलत बताया है। उन्होंने सीएम कमलनाथ से मांग कि संघ कार्यालय के बाहर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था कराई जाए।
वहीं इस मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने कहा है कि संघ ने सुरक्षा मांगी ही नहीं थी, अगर कांग्रेस ने सुरक्षा दी थी तो जारी रखना था। मंत्रियों के यहां भी सुरक्षा व्यवस्था है तो संघ कार्यालय से क्यों हटाई गई। चुनाव आयोग को आवश्यकता थी तो सभी मंत्रियों के यहां से भी सुरक्षा हटानी थी। उन्होंने दिग्विजय सिंह के इस फैसले के खिलाफ होने पर कहा कि उनका बहुत धन्यवाद वो समझदार व्यक्ति हैं। भारत का वो संस्थान जो पाकिस्तान के विरोधी है, उन पर टारगेट है। संघ पाकिस्तान का सबसे बड़ा विरोधी है। कांग्रेस की पूरी छवि हिन्दू विरोधी है, चाहे राहुल हो या दिग्विजय सिंह, जय जय श्रीराम कहने से पाप नही धुलते। वहीं राहुल सिंह के बयान पर गौर ने कहा कि राहुल सिंह का धन्यवाद कि उनने मेरी औकात पहचानी। कभी चुनाव ना लड़ने वाली बात पर गौर ने कहा कि पार्टी अगर चाहे तो ही मैं चुनाव लड़ूंगा। अपनी तरफ से कभी चुनावी मैदान में नही उतरूंगा
इधर संघ कार्यालय के न्यासी कांतिलाल चतर ने सुरक्षा व्यवस्था हटाने के पीछे दिग्विजय सिंह की साजिश बताई है। उन्होंने कहा कि वोटों के तुष्टिकरण लिए संघ कार्यालय से सुरक्षा हटाई गई है। हम से बिना बताए सुरक्षा हटाई सरकार ने सुरक्षा हटाने का निर्णय लिया है। किस आधार पर लिया यह समझ से परे है। अगर अधिकारी कारण बताकर सुरक्षा हटाते तो एक प्रकार से मान्य होता। जिस प्रकार से प्रशासन ने निर्णय लिया है यह मान्य नहीं है। कांतिलाल चतर ने दिग्विजय सिंह के ट्वीट की बात पर कहा कि दिग्विजय सिंह की भावना को ठीक नहीं मानता हूं, उन्होंने केवल सहानभूति लेने के लिए ट्वीट किया है। चतर ने सुरक्षा हटाने के पीछे दिग्विजय सिंह की चाल बताई। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह को भोपाल का चुनाव लड़ना है इसलिए सारे काम कर रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने सुरक्षा पहले हटवाई फिर हिंदुओ को खुश करने सुरक्षा लगवाने की बात कर रहे। अगर किसी प्रकार की घटना दुर्घटना घटती है तो जवाबदारी सरकार की होगी। हमने सरकार से कोई सुरक्षा नहीं मांगी थी, ना ही आगे सुरक्षा मांगेंगे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा देने का निर्णय सरकार को अपने आप करना चाहिए। सुदर्शनजी जब संघचालक थे, सुरक्षा व्यवस्था तब से थी।
इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि सुरक्षा देने सरकार की जवाबदारी थी, जब बीजेपी की सरकार थी तब सुरक्षा दी थी। ऐसे सुरक्षा नही हटाई जानी चाहिए। सरकारें बदलने से सुरक्षा नही हटानी चाहिए। दिग्विजय की नाराजगी पर शिवराज ने कहा कि इस पर मुझे कुछ नही कहना है। संघ को किसी का डर नही है, ना संघ किसी की सुरक्षा का मौहताज है। वहीं कांग्रेस के मेनिफेस्टो पर शिवराज ने कहा कि राहुल गांधी खानदानी झूठे हैं। झूठ बोल कर प्रदेश की जनता को ठगा है। चुनाव आने पर कांग्रेस झूठ बोलने का खेल खेलती है। पहले यह खेल नेहरू ने खेला, फिर इंदिरा गांधी ने उसके बाद राजीव गांधी ने यह खेल खेला। जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना पर शिवराज ने कहा कि जो शेयर स्टेट का है वो गरीबों को नहीं दिया जा रहा है।
संघ कार्यालय से सुरक्षा हटाने पर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सुरक्षा हटाने को साजिश बताया। उन्होंने कहा कि सिमी अब भी मालवा और मध्य इलाके में सक्रिय है। ये लोग कोई भी घटना अंजाम दे सकते है। कोई भी आतंकवादी घटना घटित होती है तो कांग्रेस पार्टी का हाथ भी साजिश में हो सकता है। उन्होंने सुरक्षा पहले की तरह देने की मांग की।
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इस सारे मामले पर भोपाल पुलिस का कहना है कि सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है। अगर आवेदन आएगा तो सुरक्षा देने पर विचार करेंगे। केवल आरएएफ के जवान हटाए गए हैं, पूरी सुरक्षा नहीं हटाई गई।
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