Assembly elections 2023: जिन्होंने मुख्यमंत्री और सीएम पद के दावेदारों को भी चटा दी धूल, जानें कौन हैं ये पांच जेंटलमेन
जिन्होंने मुख्यमंत्री और सीएम पद के दावेदारों को भी चटा दी धूल, जानें कौन हैं ये पांच जेंटलमेन! Assembly elections 2023
नई दिल्ली। Assembly elections 2023 देश के चार राज्यों में बीजेपी को मिली जीत मिली है। इन राज्यों में हुए चुनाव का चर्चा अब तेजी से हो रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि चारों राज्यों में ऐसे कई मंत्री और कद्दावर नेता है जिसे बीजेपी ने हराकर कमल खिलाया है। बात करें छत्तीसगढ़ की तो यहां साजा विधानसभा से मंत्री रहे रवींद्र चौबे को ईश्वर साहू ने भारी मतों से हराया है। वहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के दावेदार नरोत्तम मिश्रा को भी हार का सामना करना पड़ा है।
इन कद्दावर नेताओं को मिली हार
मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार थे नरोत्तम मिश्रा
Assembly elections 2023 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने भारी मतों से हराया है। चुनाव हारने के बाद लगातार नरोत्तम मिश्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें वो कहते हुए नजर आ रहे हैं कि इतना भी गुमान ना कर अपनी जीत पर ऐ बेखबर, तेरी जीत से ज्यादा चर्चे मेरी हार के हैं।
बात करें तेलंगाना की तो यहां केवीआर ने तेलंगाना के कामारेड्डी सीट से केसीआर और रेवंत को हराया है। रमण ने मुख्यमंत्री और कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के दावेदार को पटखनी दी। केसीआर तेलंगाना के मुख्यमंत्री थे, जबकि रेवंत मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे।
मिजोरम के कद्दावर नेता भी हारे
वहीं मिजोरम में कद्दावर नेता और राज्य के मुख्यमंत्री जोरमथांगा को लथनसांगा ने भारी मतों से हरा दिया है। बताया जा रहा है कि वे मिजो नेशनल फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं।
ईश्वर साहू ने रवींद्र चौबे को पटखनी दी
छत्तीसगढ़ के साजा विधानसभा में ईश्वर साहू ने पहली बार चुनाव लड़ा और भूपेश कैबिनेट में मंत्री रहे रवींद्र चौबे को भारी मतों से हराकर साजा में कमल खिलाया है। आपको बता दें कि मंत्री रहे रवींद्र चौबे 7 बार विधायक बने रहे। आपको बता दें कि ईश्वर साहू का कोई राजनीतिक बैकग्राउंड नहीं हैं।
प्रशांत शर्मा ने सतीश पूनिया को हराया
जयपुर के आमेर सीट पर बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां मैदान में थे। पूनियां मुख्यमंत्री पद के भी मजबूत दावेदार थे, लेकिन कांग्रेस के प्रशांत शर्मा ने उन्हें पटखनी दे दी। कांग्रेस यह सीट 2013 से ही हा रही थी।

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