तीन घटनाओं ने सीएम को सोचने पर कर दिया मजबूर, घरेलू हिंसा को लेकर कड़ा कानून बनाने अफसरों को दिया निर्देश
तीन घटनाओं ने सीएम को सोचने पर कर दिया मजबूर, घरेलू हिंसा को लेकर कड़ा कानून बनाने अफसरों को दिया निर्देश
भोपाल । मध्यप्रदेश के सागर, बैतूल और भोपाल में पिछले 20 दिनों के दौरान तीन ऐसी घटनाएं जिसमें पति ने अपनी पत्नियों पर धारदार हथियार से वार किया और हाथ और पैर के पंजे काट दिए हैं। तीनो ही पीड़िताओं का इलाज भोपाल के हमीदिया अस्पताल में चल रहा है, इन घटनाओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को झकझोर कर रख दिया है। इन खबरों के प्रकाश में आने के बाद मुख्यमंत्री ने घरेलू हिंसा रोकने के लिए और ऐसे अपराधियों को कड़ी सजा देने के लिए सख्त कानून बनाने का ऐलान किया है ।
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आज सुबह सीएम हाउस में मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस ,डीजीपी विवेक जोहरी और गृह और विधि विभाग के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर घरेलू हिंसा को लेकर कड़ा कानून बनाने के निर्देश दिए। इस कानून में धारा 307 से बड़ी धारा का प्रावधान होगा। पीड़ित महिला के लिए वेलफेयर स्कीम होगी। सीएम ने बैठक में अफसरों से कहा है कि परिवार के द्वारा कोई अंग भंग करता है, तो धारा 307 से बड़ा अपराध का प्रावधान करें, इससे समाज में मैसेज जाए, ताकि दूसरी घटना न हो। ऐसी बहनों के लिए वेलफेयर स्कीम होगी। प्रदेश के 100 थानों में महिला डेस्क बनाएंगे। हर जिले में महिला थाने खोलेंगे।
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बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि घरेलू हिंसा गंभीर, चिंता का विषय है। सभ्य मानव समाज में इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती है, लेकिन पिछले पंद्रह 20 दिनों में तीन हृदय विधायक घटनाएं हुई है, उसके कारण मैं सोचने पर बाध्य हुआ, सरकार ऐसी घटनाओं पर चुप नहीं बैठ सकती। इसलिए मैंने आज एक विशेष बैठक में तीन निर्देश दिए हैं जिन पर काम होगा। अगर परिवार के द्वारा या पति के द्वारा हाथ काट देना या कोई भी अंग भंग कर देना इस तरह की घटनाएं प्रकाश में आती है की नाक काट दी, कान काट दिया हमारा समाज़ ऐसा बर्बर नहीं हो सकता है। ऐसी बर्बरता की इजाज़त नहीं दी जा सकती, इसलिए अंग भंग कोई करता है, पति करता है तो यह विश्वास का खून है, रिश्तों का खून है, उस पर कड़ा कानून बनना चाहिए । अभी धारा 307 के अंतर्गत ही उस पर कार्रवाई होती है, लेकिन किसी झगड़े के कारण हाथ पर कटे वो अलग बात है, लेकिन पति ही अंगभंग कर दें तो वह जघन्य अपराध है। इसलिए मैंने निर्देश दिए हैं, ऐसे अपराधों के खिलाफ सेक्शन 307 से बड़ी धारा का हम प्रावधान करें और ऐसे मामले में ऐसी सजा हो कि एक समाज में मैसेज जाए की ऐसी घटना किसी ने की तो वो छोड़ा नहीं जायेगा। 307 धारा तो दूसरा कोई अंगभंग करता है तो भी लगती है, इसलिए इस जघन्य अपराध के लिए बड़ी सजा क्या हो सकती है, उस पर वर्कआउट करेंगे, दूसरी ऐसी घटनाओं को रोकना ज़रूरी है, इसलिए कड़ा कानून बना रहे हैं। लेकिन ऐसी घटनाएं होती हैं,घटनाओ में बहनों के हाथ कट गए तो जीवन कट गया, काम करने के लायक भी नहीं रहे, ऐसी पीड़िता बहनों के लिए एक वेलफेयर स्कीम होनी चाहिए, मैं ने बनाने के निर्देश दिए हैं, तीनों पीड़ित बहनों को 4-4 लाख की राशि देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा अभी 10 महिला थाने है, लेकिन अब सभी 52 जिलों में महिला थाने खोले जायेंगे,100 थानों में महिला डेस्क बनाएंगे।

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