Stray Dogs Killed: प्रदेश में आवारा कुत्तों की सामूहिक हत्या! 100 बेजुबानों को दिए ‘मौत का इजेक्शन’, 18,000 हजार रुपए में हायर किए थे ‘डॉग किलर्स’, गांव में मचा हाहाकार
Stray Dogs Killed: प्रदेश में आवारा कुत्तों की सामूहिक हत्या! 100 बेजुबानों को दिए 'मौत का इजेक्शन', 18,000 हजार रुपए में हायर किए थे ‘डॉग किलर्स’, गांव में मचा हाहाकार, 100 Stray Dogs Killed In Telangana Village
100 Stray Dogs Killed In Telangana Village/Image Source: symbolic
- तेलंगाना में शर्मनाक घटना
- 100 कुत्तों को बेरहमी से मारा गया
- सरपंच पर गंभीर आरोप
तेलंगाना: Stray Dogs Killed: तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले के थिम्माइपल्ली गांव से पशु क्रूरता की एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां लगभग 100 आवारा कुत्तों को कथित तौर पर जहरीले इंजेक्शन देकर मार दिया गया। इस घटना ने स्थानीय लोगों और पशु प्रेमियों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
100 कुत्तों को गांव में बेरहमी से मारा गया (Stray Dog Mass Killing Telangana)
Stray Dogs Killed: मामला तब प्रकाश में आया जब ‘स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया’ की क्रूरता निवारण सहायक मुदावत प्रीति ने इस सामूहिक हत्याकांड के खिलाफ चरापाका पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने 27 जनवरी को FIR दर्ज की है। मुदावत प्रीति ने बताया कि बीते 10 दिनों में गांव के लगभग 100 कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन देकर मारा गया। आरोप है कि यह कृत्य गांव के सरपंच और पंचायत सचिव के निर्देश पर किया गया। शिकायत में कहा गया है कि ग्राम पंचायत के कर्मचारी रवि पर कुत्तों के शव हटाने का आरोप है।
18,000 रुपये में बुलाए गए डॉग किलर्स (100 Stray Dogs Killed )
Stray Dogs Killed: मामले में एक रिकॉर्डेड बातचीत भी सामने आई है जिसमें पशु कल्याण कार्यकर्ता अडकापुरम गौतम और गांव के सरपंच के बीच संवाद बताया गया है। इसमें सरपंच ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि कुत्तों को इंजेक्शन देकर मारा गया और इसके लिए 18,000 रुपये में डॉग किलर्स को नियुक्त किया गया। एक अन्य बातचीत में कथित तौर पर ठेके पर बुलाए गए व्यक्ति गोपी ने भी कहा कि कुत्तों को पिछले कई दिनों से जहर दिया जा रहा था। सरपंच के अनुसार, मारे गए कुत्तों के शव गांव से लगभग दो किलोमीटर दूर फेंके गए।
शिकायतकर्ता ने आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पशु अधिकार कार्यकर्ता अडकापुरम गौतम ने कहा कि इस तरह की क्रूरता अस्वीकार्य है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पशु संरक्षण कानूनों को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की पड़ताल कर रही है। यह मामला एक बार फिर आवारा पशुओं की सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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