लद्दाख में 102 अन्य गांवों को जैविक प्रमाणित दर्जा मिला, कुल संख्या बढ़कर 207 हुई

लद्दाख में 102 अन्य गांवों को जैविक प्रमाणित दर्जा मिला, कुल संख्या बढ़कर 207 हुई

लद्दाख में 102 अन्य गांवों को जैविक प्रमाणित दर्जा मिला, कुल संख्या बढ़कर 207 हुई
Modified Date: July 27, 2026 / 07:11 pm IST
Published Date: July 27, 2026 7:11 pm IST

लेह/जम्मू, 27 जुलाई (भाषा) लद्दाख के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने सोमवार को कारगिल, द्रास, जांस्कर और शाम क्षेत्रों के 102 गांवों को जैविक प्रमाणन प्रदान किया। इसके साथ ही लद्दाख में जैविक प्रमाणित गांवों की कुल संख्या बढ़कर 207 हो गई।

उपराज्यपाल ने कहा कि इससे हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा होगी और जलवायु के अनुकूल कृषि को बढ़ावा मिलेगा।

सक्सेना ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “कल (रविवार को) कारगिल, द्रास, जांस्कर और शाम जिलों के 102 गांवों को जैविक प्रमाणन प्रदान करते हुए मुझे गर्व महसूस हुआ। यह लद्दाख को पूरी तरह जैविक क्षेत्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही लद्दाख में प्रमाणित जैविक गांवों की कुल संख्या बढ़कर 207 हो गई है।”

भारत सरकार के राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन के तहत परंपरागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई) के माध्यम से जैविक प्रमाणित गांवों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

इस योजना के तहत रसायन मुक्त खेती, कृषि सामग्री और बाजार से जुड़ाव के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।

उन्होंने कहा कि यह बदलावकारी कदम संवेदनशील हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करेगा, मिट्टी व जल के महत्वपूर्ण संसाधनों को बचाएगा और जलवायु के अनुकूल कृषि को बढ़ावा देगा।

उपराज्यपाल ने कहा, “अपनी जैविक मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत कर हम लद्दाख को एक आदर्श पूरी तरह जैविक केंद्र शासित प्रदेश बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।”

सक्सेना ने किसानों को बधाई देते हुए कहा कि उनके प्रयास टिकाऊ कृषि परिवर्तन को आगे बढ़ा रहे हैं और लद्दाख को एक आदर्श पूरी तरह जैविक केंद्र शासित प्रदेश बनाने में मदद करेंगे।

भाषा जितेंद्र दिलीप

दिलीप


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