केन्द्रीय कैबिनेट का फैसला, 15वें वित्त आयोग को मंजूरी

केन्द्रीय कैबिनेट का फैसला, 15वें वित्त आयोग को मंजूरी

केन्द्रीय कैबिनेट का फैसला, 15वें वित्त आयोग को मंजूरी
Modified Date: November 29, 2022 / 07:49 pm IST
Published Date: November 22, 2017 10:47 am IST

नई दिल्लीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 15वें वित्त आयोग के गठन को मंजूरी देने के साथ ही कैबिनेट ने दिवालियापन कोड में संशोधन के लिए एक अध्यादेश के मसौदे को मंजूरी दी है। इसके अलावा कैबिनेट ने 320 केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के 9.35 लाख कर्मचारियों के वेतन की समीक्षा संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है साथ ही हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों के वेतन में संशोधन का फैसला, 1 जनवरी 2016 से लागू होगा. महिला कल्याण में जनभागेदारी के लिए ‘प्रधानमंत्री महिला शक्ति केंद्रों‘ की स्थापना पर भी कैबिनेट मुहर लगी है। इसके अलावा सरकार ने बेटी-बचाओ-बेटी पढाओ योजना को देश के 640 जिलों में विस्तृत रुप से लागू करने का भी निर्णय लिया।


इस दौरान वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि 15वें वित्त आयोग के गठन को मंजूरी मिल चुकी है और इसके संदर्भ में शर्तों का उल्लेख करने वाली अधिसूचना को जल्द ही जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम यह सुनिश्चित करने जा रहे हैं शीतकालीन सत्र को नियमत: चलने दिया जाए, लेकिन हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि संसदीय सत्र और आगामी चुनावों की तारीखें आपस में मैच न करें।

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (सीपीएसई) में काम कर रहे मजदूरों के लिए वेतन नीति को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि महिला कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए सरकार प्रधानमंत्री शक्ति केन्द्रों की स्थापना करेगी.  उन्होंने कहा बेटी-बचाओ-बेटी पढाओ योजना को देश के 640 जिलों में विस्तृत रुप से लागू करने का भी निर्णय लिया।

इस दौरान रविशंकर प्रसाद ने कहा हमने आतंकवाद से मुकाबला करने और संगठित अपराध से मुकाबला करने के लिए रूस के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया। साथ ही उन्होंने बताया कि सरकार सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के जजों की सैलरी को भी रिवाइज करेगी।

 

अर्जुन सिंह, IBC24


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