संसद पर हमले की 16वीं बरसी, लोकतंत्र का मंदिर बना था निशाना
संसद पर हमले की 16वीं बरसी, लोकतंत्र का मंदिर बना था निशाना
संसद पर हुए हमले की आज सोलहवीं बरसी है आज के दिन ही 13 दिसंबर 2001 को लोकतंत्र की मंदिर पर हमला हुआ था. हमले में 9 जवान शहीद हुए थे. जवानों की शहादत की याद में आज केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट शहीदों जवानों को श्रद्धांजलि दी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की
We pay homage to those who laid down their lives protecting the temple of our democracy on 13th December 2001. Their sacrifices will never be forgotten. pic.twitter.com/Fn4RYDvqxL
— Narendra Modi (@narendramodi) December 13, 2017
ये भी पढ़ें-रामसेतु मानव निर्मित, अमेरिकी वैज्ञानिकों की पुष्टि
The nation salutes the exemplary valour and courage of those martyrs who sacrificed their lives protecting the Temple of India’s Democracy on December 13, 2001. Their supreme sacrifice will always be remembered by us.
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) December 13, 2017
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी संसद हमले में शहीद हुए जवानों को याद किया। उन्होंने ट्वीट कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की है।
On 13/12/2001 our brave soldiers dispelled a terror attack on the Parliament house and displayed exemplary courage. We remember and salute the valour and national service of our security forces and pay respectful tribute to the martyrs.
— Arun Jaitley (@arunjaitley) December 13, 2017
आतंकियों ने 16 साल पहले लोकतंत्र की मंदिर को चोट पहुंचाने की कोशिश की थी, लेकिन मातृभूमि के वीर सपूतों ने अपनी जान पर खेलकर आतंकियों के नापाक मंसूबों को नेस्तनाबूत कर दिया था. हमले में संसद भवन के गार्ड, दिल्ली पुलिस के जवान समेत कुल 9 जवान शहीद हुए थे।
ये भी पढ़ें- मोहाली में निकलेगा धर्मशाला की हार का मलाल

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी ट्वीट कर जवानों की शहादत को सलाम किया है.
Some memories can be ignored but never be shunted. It is impossible to forget the chilling #ParliamentAttack. I pay homage to the brave matrys who made the ultimate sacrifice to protect the temple of democracy on this very day in 2001.
— ShivrajSingh Chouhan (@ChouhanShivraj) December 13, 2017
पांच आतंकी सेना की वर्दी में एक अंबेस्डर कार में संसद में दाखिल हुए थे. दाखिल होत ही आतंकियों ने संसद भवन में ताबड़तोड़ फायरिंग की थी. 30-45 मिनट में जवानों ने पांचों आतंकियों को मार गिराया था. लेकिन हमारे 9 जवान भी इस हमले में शहीद हो गए थे.

संसद हमले में शामिल चार आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली की पोटा अदालत ने 16 दिसंबर, 2002 को चारों आतंकी मोहम्मद अफजल, शौकत हसैन, अफसान और सैयद रहमान गिलानी को दोषी करार दिया था।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने सैयद अब्दुल रहमान गिलानी और नवजोत संधू को बरी कर दिया था, लेकिन मोहम्मद अफजल की मौत की सजा को बरकरार रखी था और शौकत हुसैन की मौत की सजा को घटाकर 10 साल कर दिया था। इसके बाद 9 फरवरी, 2013 को अफजल गुरु को दिल्ली की तिहाड़ जेल में सुबह 8 बजे फांसी पर लटका दिया गया था।
वेब डेस्क, IBC24

Facebook


