राजस्थान के पार्टी समर्थित 18 पार्षद पंचकूला में हिरासत में लिए गए: कांग्रेस

राजस्थान के पार्टी समर्थित 18 पार्षद पंचकूला में हिरासत में लिए गए: कांग्रेस

राजस्थान के पार्टी समर्थित 18 पार्षद पंचकूला में हिरासत में लिए गए: कांग्रेस
Modified Date: September 21, 2026 / 06:11 pm IST
Published Date: September 21, 2026 6:11 pm IST

पंचकुला, 21 सितंबर (भाषा) कांग्रेस नेताओं ने सोमवार को आरोप लगाया कि हरियाणा पुलिस ने राजस्थान के तिजारा के पार्टी समर्थित 18 पार्षदों को पंचकूला जिले में हिरासत में लिया है।

पार्टी के अनुसार ये पार्षद हिमाचल प्रदेश से अपने गृह राज्य राजस्थान लौट रहे थे, जहां उन्हें तिजारा नगर परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव में मतदान करना था।

हालांकि, पंचकूला पुलिस ने कांग्रेस के इस दावे को खारिज कर दिया है।

कांग्रेस ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पंचकूला के पार्टी नेताओं ने ‘लोकतंत्र की हत्या’ का आरोप लगाते हुए पिंजौर थाने के बाहर धरना दिया।

तिजारा के कांग्रेस नेता इमरान खान के मुताबिक, नगर परिषद का चुनाव नौ सितंबर को हुआ था, जिसमें जीतने वाले ज्यादातर निर्दलीय पार्षदों को पार्टी का समर्थन प्राप्त था।

खान ने बताया कि नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव करने के लिए सोमवार दोपहर मतदान होना है।

खान ने दावा किया, “नौ सितंबर को मतदान के बाद 18 पार्षद अपने परिवारों के साथ हिमाचल प्रदेश के कसौली गए थे। रविवार शाम जब वे तिजारा लौट रहे थे, तब पंचकूला के पास एक टोल प्लाजा पर पुलिस और निजी वाहनों समेत 20 से अधिक वाहनों ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद उन्हें पंचकूला की मोरनी पहाड़ियों में स्थित एक फार्म हाउस ले जाया गया।”

खान ने आरोप लगाया, “यह राजस्थान और हरियाणा की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकारों के इशारे पर जानबूझकर किया गया। पहले से बनाई गई योजना के तहत उन्होंने उस चुनाव को प्रभावित किया, जिसमें कांग्रेस की स्थिति मजबूत थी।”

पार्षदों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के आरोप पर पंचकूला के सहायक पुलिस आयुक्त राम कुमार ने संवाददाताओं से कहा, “पुलिस की इसमें कोई भूमिका नहीं है… उन्हें (पार्षदों को) हिरासत में नहीं लिया गया है।”

उन्होंने कहा, “कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्षद रविवार को हिमाचल प्रदेश से लौट रहे थे और सूरजपुर या पंचकूला के किसी इलाके में पहुंचने के बाद से उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।”

सहायक पुलिस आयुक्त ने कहा, “मैंने धरने पर बैठे लोगों से बात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि हम जल्द से जल्द पार्षदों के ठिकाने का पता लगाने की कोशिश करेंगे। लेकिन बाद में हमें पता चला कि पार्षद शाहबाद या अंबाला की ओर चले गए थे।”

हरियाणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने भी दावा किया कि पार्षदों को पुलिस ने हिरासत में लिया था।

चौधरी ने कहा, “वे रविवार को कसौली से रवाना हुए थे। जब वे पंचकूला के टोल बैरियर पर पहुंचे, तो पुलिस उन्हें अपने वाहनों में मोरनी की ओर ले गई। जब हमें आज सुबह इसकी जानकारी मिली, तो हम पिंजौर पुलिस थाने पहुंचे और धरना दिया।”

उन्होंने आरोप लगाया, “पार्षदों को मतदान के लिए जाने से रोकना लोकतंत्र की हत्या है।”

भाषा तान्या जोहेब

जोहेब


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