देश की 609 जेलों में स्वीकृत क्षमता से अधिक कैदी: सरकार
देश की 609 जेलों में स्वीकृत क्षमता से अधिक कैदी: सरकार
नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) सरकार ने बुधवार को राज्यसभा को बताया कि 2024 में भारत की जेलें 112.7 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित हुईं और 609 जेलों में उनकी स्वीकृत क्षमता से अधिक कैदी थे।
जेल में कैदियों की संख्या के बारे में पूछे एक प्रश्न के लिखित उत्तर में गृह राज्य मंत्री बी. संजय कुमार ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के नवीनतम आंकड़े पेश किए। आंकड़ों के अनुसार, जेलों में 4,53,769 कैदियों की स्वीकृत क्षमता थी, लेकिन 31 दिसंबर 2024 की स्थिति के अनुसार जेलों में 5,11,542 कैदियों को रखा गया था।
आंकड़ों से पता चला कि कैदियों की संख्या स्वीकृत क्षमता से 57,773 अधिक है और देश भर की जेलें 112.7 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित हो रही हैं।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में, दिल्ली में 10,026 की स्वीकृत क्षमता के मुकाबले 19,512 कैदी थे जबकि मेघालय में 860 की क्षमता के मुकाबले 1,406 कैदी थे। वहीं, जम्मू कश्मीर में 3,629 की स्वीकृत क्षमता के मुकाबले 5,383 कैदी थे।
विचाराधीन कैदियों के संबंध में पूछे गए एक अन्य सवाल के लिखित जवाब में मंत्री ने बताया कि 31 दिसंबर 2024 तक देश में 3,71,440 विचाराधीन कैदी थे। इनमें से 968 विचाराधीन कैदियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 479 व दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 436ए के तहत रिहाई के लिए पात्र पाया गया, जबकि 627 को वर्ष के दौरान रिहा किया गया।
मंत्री ने कहा कि शेष पात्र विचाराधीन कैदियों की रिहाई में देरी का कोई विशेष कारण राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा गृह मंत्रालय को नहीं बताया गया है।
भाषा अविनाश सुभाष
सुभाष

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