छह साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में 67 वर्षीय बुजुर्ग को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा
छह साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में 67 वर्षीय बुजुर्ग को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा
नयी दिल्ली, सात जुलाई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने वर्ष 2024 में छह वर्षीय बच्ची से बलात्कार के मामले में 67 वर्षीय एक बुजुर्ग को सजा सुनाते हुए कहा कि समाज में एक कड़ा संदेश जाना चाहिए कि बच्चों के खिलाफ ऐसे अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अपर सत्र न्यायाधीश अजय नागर बुजुर्ग व्यक्ति की सजा पर दलीलों की सुनवाई कर रहे थे, जिसे पहले बलात्कार के दंडात्मक प्रावधान और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धारा 5 (एम) के तहत दोषी ठहराया गया था।
अदालत ने तीन जुलाई के अपने आदेश में कहा, ‘इस मामले में गंभीर परिस्थितियां मौजूद हैं, यानी अपराध के समय पीड़िता की उम्र महज छह वर्ष के आसपास थी और दोषी की उम्र 65 साल थी।’
अदालत ने कहा, ‘समाज में इस तरह की घटनाएं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं, और शहर में (अपराधियों के मन में) इसका कुछ डर होना ही चाहिए। साथ ही, समाज को यह कड़ा संदेश जाना चाहिए कि बच्चों के खिलाफ ऐसे अपराधों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे अपराधियों से अदालत सख्ती से निपटेगी।’
अदालत ने हालांकि, दोषी की सज़ा कम करने वाली स्थितियों का भी ज़िक्र किया, जिनमें उसका समाज के गरीब तबके से होना, उसका पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड न होना, ऐसा कोई रिकॉर्ड न होना जिससे लगे कि उसमें सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है, साथ ही दोषी का परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य होना शामिल है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा, ‘दोषी को पॉक्सो अधिनियम की धारा 5 (एम) के तहत किए गए अपराध के लिए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई जाती है और 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है।’’
अदालत ने पीड़िता को 10.5 लाख रुपये का मुआवजा भी प्रदान किया।
भाषा प्रचेता दिलीप
दिलीप

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