पीएमआई योजना के तहत 7,292 उम्मीदवारों ने इंटर्नशिप बीच में ही छोड़ी: मंत्री

पीएमआई योजना के तहत 7,292 उम्मीदवारों ने इंटर्नशिप बीच में ही छोड़ी: मंत्री

पीएमआई योजना के तहत 7,292 उम्मीदवारों ने इंटर्नशिप बीच में ही छोड़ी: मंत्री
Modified Date: March 16, 2026 / 09:16 pm IST
Published Date: March 16, 2026 9:16 pm IST

नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) सरकार ने सोमवार को लोकसभा को बताया कि प्रधानमंत्री इंटर्नशिप (पीएमआई) योजना के तहत 7,292 उम्मीदवारों ने इंटर्नशिप बीच में ही छोड़ दी।

यह योजना दो चरणों में एक पायलट परियोजना के रूप में शुरू की गई थी।

परियोजना का पहला चरण तीन अक्टूबर, 2024 को शुरू किया गया था, जिसमें 1.81 लाख से अधिक उम्मीदवारों से लगभग 6.21 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे। साझेदार कंपनियों ने 60,000 से अधिक उम्मीदवारों को 82,000 से अधिक इंटर्नशिप प्रस्ताव दिए और 8,760 इंटर्न ने इंटर्नशिप में भाग लिया।

कॉरपोरेट मामलों के राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि नौ जनवरी, 2025 से शुरू हुए दूसरे चरण में 2.14 लाख से अधिक उम्मीदवारों से लगभग 4.55 लाख आवेदन प्राप्त हुए। साझेदार कंपनियों ने 71,000 से अधिक उम्मीदवारों को 83,000 इंटर्नशिप के प्रस्ताव दिए और 7,300 से अधिक इंटर्न ने इंटर्नशिप में भाग लिया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना नौकरी दिलाने के लिए नहीं बनाई गई है।

मंत्री ने कहा कि यह योजना उद्योग से संबंधित कौशल बढ़ाने, रोजगार के लिए उम्मीदवारों को तैयार करने और भारत की शीर्ष प्रदर्शन करने वाली कंपनियों और संस्थानों में इंटर्नशिप के माध्यम से पेशेवर अनुभव प्रदान करने के लिए बनाई गई है, ताकि कुशल कार्यबल का तैयार किया जा सके।

मल्होत्रा ने कहा, ‘‘नौ मार्च, 2026 तक, पीएमआई योजना की पायलट परियोजना के दोनों चरणों में 7,292 उम्मीदवारों ने इंटर्नशिप पूरी किए बिना ही छोड़ दी।’’

पहले चरण के तहत, इंटर्नशिप पूरी करने की 12 महीने की अवधि नवंबर, 2025 से मार्च, 2026 तक है और दूसरे चरण के तहत यह अप्रैल, 2026 से शुरू होगी।

मंत्री ने कहा, ‘‘नौ मार्च 2026 तक, पहले चरण में 3,605 इंटर्न ने इंटर्नशिप पूरी कर ली है।’’

उनके अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना के लिए मंत्रालय को 10,831.07 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि वास्तविक व्यय 87.46 करोड़ रुपये अनुमानित है।

मंत्री ने कहा, ‘‘हालांकि, मुख्य योजना शुरू नहीं हो सकी और पायलट परियोजना जारी रखी गई है।’’

मंत्री ने बताया कि पीएमआई योजना इंटर्न के लिए मासिक वित्तीय सहायता मार्च, 2026 से 5,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये कर दी गई है।

उनके अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना के लिए मंत्रालय को 10,831.07 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि वास्तविक व्यय 87.46 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।

भाषा सुभाष अजय

अजय


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