छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में ‘अफ्रीकन स्वाइन फीवर’ बीमारी के बाद 83 सुअरों को मारकर दफनाया गया

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में ‘अफ्रीकन स्वाइन फीवर’ बीमारी के बाद 83 सुअरों को मारकर दफनाया गया

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में ‘अफ्रीकन स्वाइन फीवर’ बीमारी के बाद 83 सुअरों को मारकर दफनाया गया
Modified Date: April 7, 2026 / 10:22 pm IST
Published Date: April 7, 2026 10:22 pm IST

दुर्ग, सात अप्रैल (भाषा) छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में ‘अफ्रीकन स्वाइन फीवर’ (एएसएफ) संक्रमण पाये जाने के बाद 83 सुअरों को मार दिया गया है तथा संक्रमण से बचाव के उपाय किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि जिले के धमधा विकासखंड में मुड़पार गांव के सुअर फार्म में एएसएफ संक्रमण पाये जाने के बाद पशुपालन विभाग ने अन्य सुअर पालकों को सतर्क कर दिया है।

उन्होंने बताया कि मुड़पार गांव में एक निजी सुअर पालक के सुअरों की पिछले कुछ दिनों से मृत्यु हो रही थी तथा जब सुअर पालक ने इसकी सूचना जिला पशुपालन विभाग को दी तब दो अप्रैल को पशुपालन विभाग सुअर फार्म पहुंचा और नमूना जांच के लिए भोपाल भेजा।

अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को रिपोर्ट में सुअरों में एएसएफ की पुष्टि होने के बाद पशुपालन विभाग द्वारा 83 सुअरों को इंजेक्शन देकर मार दिया गया तथा संक्रमण रोकने के लिए सुअरों के शवों को नियमों के अनुसार दफना दिया गया है।

दुर्ग में पशु चिकित्सा सेवाओं के उप संचालक डॉक्टर वसीम शम्स ने बताया कि एएसएफ एक ऐसी बीमारी है जिसका कोई इलाज नहीं है और न ही अभी तक इसकी कोई वैक्सिन बनी है, इसलिए भारत सरकार के दिशानिर्देश के तहत वैज्ञानिक पद्धति से सुअरों को मारकर दफनाने का प्रावधान है।

डॉक्टर शम्स ने बताया कि यह बीमारी केवल सुअरों से सुअरों तक ही फैलती है, अन्य किसी जानवर या इंसानो में इसका असर नहीं होता है।

उन्होंने बताया कि एक किलोमीटर क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है।

भाषा सं संजीव राजकुमार

राजकुमार


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