8th Pay Commission Director Appointed: 8वें वेतन आयोग पर मोदी सरकार ने बढ़ाया बड़ा कदम.. अब निदेशक की नियुक्ति, इस तेजतर्रार अफसर को दी जिम्मेदारी..

8th Pay Commission Director Appointed: 8वें वेतन आयोग में कृष्णा वी आर की नियुक्ति, ACC ने दी मंजूरी, 2029 तक रहेगा कार्यकाल।

8th Pay Commission Director Appointed: 8वें वेतन आयोग पर मोदी सरकार ने बढ़ाया बड़ा कदम.. अब निदेशक की नियुक्ति, इस तेजतर्रार अफसर को दी जिम्मेदारी..

8th Pay Commission Director Appointed || Image- IBC24 News

Modified Date: February 14, 2026 / 06:43 pm IST
Published Date: February 14, 2026 6:43 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 8वें वेतन आयोग में नई नियुक्ति
  • कृष्णा वी आर बने निदेशक
  • 2029 तक प्रभावी रहेगा कार्यकाल

नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय से जुड़े एक अहम फैसले में मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) में कृष्णा वी आर की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। 2009 बैच के भारतीय रेलवे लेखा सेवा (IRAS) के अधिकारी कृष्णा वी आर वर्तमान में राजस्व विभाग में निदेशक के पद पर तैनात हैं। (8th Pay Commission Director Appointed) उनका व्यय विभाग में ट्रांसफर करते हुए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग में निदेशक के रूप में तैनात किया जाएगा।

कब से प्रभावी होगा सेवाकाल?

जारी आदेश में उल्लेख है कि, यह नियुक्ति केंद्रीय प्रतिनियुक्ति योजना (Central Staffing Scheme) के तहत की गई है और यह 8वें वेतन आयोग की अवधि के साथ सह-समाप्त (8th Pay Commission Director Appointed) आधार पर होगी। उनकी नियुक्ति 17 सितंबर 2029 तक, यानी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति योजना के तहत अनुमन्य पांच वर्ष की शेष अवधि तक बढ़ाई जा सकेगी। उनकी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की प्रभावी तिथि 18 सितंबर 2024 से मानी जाएगी। एसीसी ने निर्देश दिया है कि उन्हें राजस्व विभाग के वर्तमान दायित्वों से तत्काल प्रभाव से मुक्त किया जाए ताकि वे नई जिम्मेदारी संभाल सकें।

गौरतलब है कि 8वां केंद्रीय वेतन आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन ढांचे, भत्तों और अन्य लाभों की समीक्षा और सिफारिशों के लिए गठित एक अहम निकाय है। लेखा और वित्तीय मामलों में विशेषज्ञता रखने वाले आईआरएएस अधिकारी की नियुक्ति से आयोग को व्यय संबंधी विश्लेषण और वित्तीय आकलन में मजबूत सहयोग मिलने की उम्मीद है।

Image

शिरसाट कपिल अशोक को बड़ा दायित्व

केंद्र सरकार ने बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शिरसाट कपिल अशोक को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के निदेशक मंडल में निदेशक के रूप में नामित किया है। (8th Pay Commission Director Appointed) उनकी नियुक्ति से राज्य और राष्ट्रीय स्तर की डेयरी पहलों के बीच बेहतर समन्वय, नीतियों के प्रभावी अनुपालन और प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

2011 बैच के बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी शिरसाट कपिल अशोक वर्तमान में बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव हैं। वे COMFED (बिहार राज्य दुग्ध सहकारी संघ) के सह-अध्यक्ष भी हैं और साथ ही बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक का दायित्व संभाल रहे हैं।

IAS अमर कुशवाहा फिर बनें उर्वरक विभाग में निदेशक

केंद्र सरकार में हुए अहम प्रशासनिक फेरबदल के तहत 2012 बैच के तमिलनाडु कैडर के आईएएस अधिकारी अमर कुशवाहा को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति योजना के अंतर्गत उर्वरक विभाग में निदेशक पद पर पुनर्नियुक्त (री-डिज़िग्नेट) किया गया है। वे 19 फरवरी 2025 से उर्वरक विभाग में उप सचिव के रूप में कार्यरत थे। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार सक्षम प्राधिकारी ने उनके पदनाम को उप सचिव से निदेशक में परिवर्तित करने की मंजूरी दी है। यह परिवर्तन उनके नए पद का कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगा।

उर्वरक विभाग, जो रसायन और उर्वरक मंत्रालय के अधीन कार्य करता है, देश में उर्वरकों की उपलब्धता, सब्सिडी प्रबंधन और कृषि क्षेत्र से जुड़ी नीतियों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से पहले अमर कुशवाहा ने तमिलनाडु कैडर में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। (8th Pay Commission Director Appointed) वे तिरुपत्तूर जिले के जिलाधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट, ग्रामीण विकास विभाग में अतिरिक्त निदेशक (सामान्य), ऊटी में हिल एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम के परियोजना निदेशक, सामाजिक रक्षा निदेशक तथा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में संयुक्त सचिव जैसे पदों पर रह चुके हैं।

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से संबंध रखने वाले अमर कुशवाहा ने रसायन, गणित एवं औद्योगिक रसायन विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की है। प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ वे एक हिंदी लेखक भी हैं। उनकी पुस्तकें ‘पिघलती धूप में साये’ और ‘अंधेरे से बाहर निकलते हुए’ राजकमल प्रकाशन द्वारा प्रकाशित की गई हैं।

इन्हें भी पढ़ें:-


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

A journey of 10 years of extraordinary journalism.. a struggling experience, opportunity to work with big names like Dainik Bhaskar and Navbharat, priority given to public concerns, currently with IBC24 Raipur for three years, future journey unknown