मिजोरम में 93 फीसदी म्यामां शरणार्थियों के बायोमेट्रिक पंजीकरण पूरे: मंत्री
मिजोरम में 93 फीसदी म्यामां शरणार्थियों के बायोमेट्रिक पंजीकरण पूरे: मंत्री
आइजोल, 23 फरवरी (भाषा) मिजोरम सरकार ने राज्य भर में शरण लिए हुए म्यामां के शरणार्थियों का बायोमेट्रिक पंजीकरण लगभग पूरा कर लिया है। गृह मंत्री के. सपडांगा ने सोमवार को विधानसभा को यह जानकारी दी।
मंत्री ने बताया कि उपायुक्त वर्तमान में प्रक्रिया के अंतिम चरण की निगरानी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “पांच फरवरी तक म्यामां के शरणार्थियों का 93 प्रतिशत बायोमेट्रिक पंजीकरण पूरा हो चुका था। हमारा लक्ष्य शेष कार्य को यथाशीघ्र पूरा करना है।”
मंत्री के अनुसार, मिजोरम में वर्तमान में 38,059 लोग शरण लिए हुए हैं, जिनमें म्यामां व बांग्लादेश के शरणार्थी और पड़ोसी राज्य मणिपुर से विस्थापित लोग शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि बांग्लादेश के चिट्टगांव हिल ट्रैक्ट्स (सीएचटी) से आए शरणार्थियों के बायोमेट्रिक और जनसांख्यिकीय विवरण एकत्र करने की पंजीकरण प्रक्रिया भी जारी है तथा इसके जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है।
राज्य गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 2,300 से अधिक बांग्लादेशी नागरिकों में से 13 प्रतिशत का पंजीकरण अब तक हो चुका है।
राज्य में शरण लिए हुए विदेशी नागरिकों में म्यामां के नागरिक सबसे अधिक हैं, जो सभी 11 जिलों में 28,000 से अधिक की संख्या में रह रहे हैं।
अधिकारी ने बताया कि बांग्लादेश से आए शरणार्थी मुख्य रूप से लॉंग्टलाई और सेरछिप जिलों में रह रहे हैं।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इसके अतिरिक्त, जातीय हिंसा से विस्थापित मणिपुर के लगभग 7,000 कुकी-जो लोगों को भी राज्य में शरण दी गई है।
गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार, म्यामां और बांग्लादेश से आए शरणार्थियों के लिए पंजीकरण अभियान पिछले वर्ष जुलाई के अंत में ‘विदेशी पहचान पोर्टल एवं बायोमेट्रिक पंजीकरण’ प्रणाली के माध्यम से शुरू किया गया था।
मिजोरम पूर्व में म्यामां के साथ 510 किलोमीटर लंबी और पश्चिम में बांग्लादेश के साथ 318 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है।
भाषा जितेंद्र रंजन
रंजन

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