पंजाब की आप सरकार ने विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश किया

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पंजाब की आप सरकार ने विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश किया

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  • Publish Date - May 1, 2026 / 05:04 PM IST,
    Updated On - May 1, 2026 / 05:04 PM IST

चंडीगढ़, एक मई (भाषा) पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश किया।

मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने यह कदम अरविंद केजरीवाल नीत ‘आप’के सात राज्यसभा सदस्यों के पाला बदलकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की घटना के कुछ दिन बाद उठाया है।

विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि आप मजबूत है और उसका विस्तार हो रहा है।

मान ने सदन में विश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि ऐसी अफवाहें हैं कि ‘आप’ का सफाया हो जाएगा और उसके विधायक पाला बदल लेंगे,इससे लोगों के मन में भ्रम की स्थिति पैदा होती हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी मजबूत है। जम्मू-कश्मीर से लेकर गोवा तक, पार्टी की मौजूदगी है। जम्मू-कश्मीर के डोडा में हमारा एक विधायक है। पंजाब में हमारी सरकार सफलतापूर्वक चल रही है। दिल्ली में हम विपक्ष में हैं। गुजरात में हमारे पांच और गोवा में दो विधायक हैं।’’

मान ने कहा, ‘‘इसके अलावा ‘आप’ के विभिन्न स्थानीय निकायों में महापौर, पार्षद, सरपंच हैं, पार्टी की राष्ट्रीय स्तर पर उपस्थिति है।’’

सत्तारूढ़ दल ने इससे पहले सभी विधायकों को एक दिवसीय सत्र में उपस्थित होने के लिए ‘व्हिप’ जारी किया था।

पंजाब की 117 सदस्यीय विधानसभा में आप को भारी बहुमत प्राप्त है और उसके पास 94 विधायक हैं। सदन में कांग्रेस के 16, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का एक, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के तीन, भाजपा के दो विधायक हैं जबकि एक निर्दलीय विधायक है।

आप को 24 अप्रैल को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसके 10 राज्यसभा सदस्यों में से सात – राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल – ने पार्टी के सिद्धांतों, मूल्यों और मूल सिद्धांतों से भटकने का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। पार्टी छोड़ने वाले सात सांसदों में छह पंजाब से निर्वाचित हुए हैं।

राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर सातों सांसदों के भाजपा में विलय को मंजूरी दे दी, जिससे उच्च सदन में आप के सदस्यों की संख्या घटकर तीन रह गई।

भाषा

धीरज नरेश

नरेश