आप सरकार खनन से सालाना 20 हजार करोड़ राजस्व पैदा करने के वादे को पूरा करने में विफल : भाजपा

आप सरकार खनन से सालाना 20 हजार करोड़ राजस्व पैदा करने के वादे को पूरा करने में विफल : भाजपा

आप सरकार खनन से सालाना 20 हजार करोड़ राजस्व पैदा करने के वादे को पूरा करने में विफल : भाजपा
Modified Date: July 6, 2026 / 09:26 pm IST
Published Date: July 6, 2026 9:26 pm IST

चंडीगढ़, छह जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने सोमवार को आरोप लगाया कि राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार रेत और बजरी के खनन से सालाना 20 हजार करोड़ रुपये का राजस्व सृजित करने के अपने चुनावी वादा को पूरा करने में नाकाम रही है।

उन्होंने दावा किया कि 2025-26 में राज्य को इस क्षेत्र से महज 600 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

ढिल्लों ने यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी (आप)ने पंजाब में सत्ता में आने के बाद अवैध खनन पर रोक लगाने और खनन क्षेत्र से होने वाली आय में काफी बढ़ोतरी करने का वादा किया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि चार साल से ज्यादा समय तक सत्ता में रहने के बावजूद, भगवंत मान सरकार ने न तो अवैध खनन रोका और न ही अपना राजस्व लक्ष्य हासिल किया।

ढिल्लों के मुताबिक राज्य ने वित्तवर्ष 2025-26 में खनन से जुड़े राजस्व के तौर पर महज 600 करोड़ रुपये प्राप्त किये।

उन्होंने दावा किया कि इस रकम में से लगभग 150 करोड़ रुपये पड़ोसी राज्यों हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से खनन कर पंजाब लाई गई सामग्री पर कर से प्राप्त हुए, जिससे राज्य के भीतर खनन से होने वाली कमाई और कम रह गई।

ढिल्लों ने सवाल किया कि 2022 के चुनावों से पहले जो बाकी 19,400 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त करने का वादा किया गया था, उनका क्या हुआ।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि पंजाब में गैर-कानूनी खनन बेरोकटोक जारी है, टिपर ट्रक खुलेआम चल रहे हैं और नदी के तल का दोहन हो रहा है, जबकि सरकार इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

ढिल्लों ने आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि पंजाब की जनता से किए गए उनके वादे सिर्फ खोखली बातें साबित हुई हैं।

उन्होंने दावा किया कि सरकार की प्रचारित ‘क्रांति’ ठोस नतीजे देने में नाकाम रही है और उसने राज्य के प्राकृतिक संसाधनों का कुप्रबंधन किया है।

भाषा धीरज माधव

माधव


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