अभिषेक बनर्जी ने यूसीसी के प्रभाव और कुड़माली भाषा की लंबित मान्यता को लेकर भाजपा पर निशाना साधा
अभिषेक बनर्जी ने यूसीसी के प्रभाव और कुड़माली भाषा की लंबित मान्यता को लेकर भाजपा पर निशाना साधा
झाड़ग्राम (प. बंगाल), 16 अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने बृहस्पतिवार को प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और कुड़माली भाषा की लंबित मान्यता को लेकर भाजपा पर हमला किया।
अभिषेक ने झाड़ग्राम जिले के गोपीबल्लभपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए इन दोनों मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
भाजपा द्वारा उसके घोषणा-पत्र में पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने पर यूसीसी लागू करने का वादा किए जाने का जिक्र करते हुए अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि यह आदिवासी समुदायों के रीति-रिवाजों और प्रथाओं को दरकिनार करते हुए उनपर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा।
उन्होंने भाजपा पर लोगों को धार्मिक आधार पर बांटने का भी आरोप लगाया।
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ने केंद्र सरकार पर झाड़ग्राम जिले सहित राज्य के कई हिस्सों में बड़ी संख्या में लोगों द्वारा बोली जाने वाली कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार ने दो महीने पहले केंद्र को पत्र लिखकर इस भाषा को शामिल करने की मांग की थी, लेकिन नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।
भाजपा ने बंगाल के लिए अपने घोषणा-पत्र में कुड़माली और राजबंशी भाषाओं को आठवीं अनुसूची में शामिल करने का वादा किया है।
अभिषेक बनर्जी ने महिलाओं को 3,000 रुपये की प्रस्तावित मासिक सहायता के लिए फॉर्म भरने के खिलाफ आगाह किया, और आरोप लगाया कि इसी तरह के वादों के बावजूद भाजपा शासित किसी भी राज्य ने ऐसी योजना लागू नहीं की है।
भाषा शफीक सुरेश
सुरेश

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