प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद ‘इंस्टाग्राम’ पर भाजपा नेताओं की सक्रियता बढ़ी

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प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद ‘इंस्टाग्राम’ पर भाजपा नेताओं की सक्रियता बढ़ी

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  • Publish Date - July 28, 2026 / 05:45 PM IST,
    Updated On - July 28, 2026 / 05:45 PM IST

(कोमल शर्मा)

नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले पर हालिया विवाद के बाद भाजपा ने डिजिटल माध्यम से युवाओं तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है। इस दौरान ‘इंस्टाग्राम’ राजनीतिक संदेश देने का प्रमुख मंच बनकर उभरा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कई केंद्रीय मंत्री तथा पार्टी नेता भाजपा के अभियान में सक्रिय रूप से शामिल हैं।

मोदी ने कुछ दिन पहले अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों से कहा था कि वे इंस्टाग्राम रील्स के जरिए युवाओं से जुड़ाव मजबूत करें। राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ छात्रों के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के बाद भाजपा ने ‘इंस्टाग्राम’ पर विशेष ध्यान देना शुरू किया, क्योंकि इन प्रदर्शनों ने दिखाया कि युवाओं के बीच राजनीतिक चर्चा के लिए सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम, की भूमिका काफी बढ़ गई है।

छात्रों के इन विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) की शुरुआत इसी साल मई में एक ऑनलाइन व्यंग्यात्मक आंदोलन के रूप में हुई थी। अब तक इंस्टाग्राम पर इसके 2.6 करोड़ से अधिक ‘फॉलोअर’ हो चुके हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल के दिनों में इंस्टाग्राम पर कई वीडियो साझा किए, जिनमें उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया में सुधार जैसे मुद्दों पर युवाओं की प्रतिक्रिया और सुझावों के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

मोदी 2014 से इंस्टाग्राम का उपयोग कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शनों के दौरान आधी रात को पोस्ट किए गए उनके एक वीडियो के बाद उनके करीब 10 लाख फॉलोअर बढ़े और कुल फॉलोअर्स की संख्या लगभग 10.5 करोड़ हो गई।

भाजपा के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर 95 लाख फॉलोअर्स हैं और वह इस मंच पर सबसे अधिक फॉलोवर वाली राजनीतिक पार्टी है। हाल के दिनों में इस अकाउंट पर परीक्षा प्रश्नपत्र लीक से जुड़ी कई वीडियो डाली गई हैं, जिनमें खास तौर पर पंजाब में कथित प्रश्नपत्र लीक के मामलों का उल्लेख किया गया है।

पार्टी की हालिया पोस्ट में संसद में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक पेश किए जाने से जुड़े वीडियो भी शामिल हैं। इनमें विपक्ष पर आरोप लगाया गया है कि उसने विधेयक पर चर्चा में बाधा डाली, जबकि सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य प्रश्नपत्र लीक रोकना और छात्रों के हितों की रक्षा करना है।

हाल ही में नियुक्त केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी इंस्टाग्राम के माध्यम से नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद पर सरकार की कार्रवाई के बारे में प्रमुखता से जानकारी दी।

उन्होंने एक पोस्ट में कहा, ‘हमने सख्त लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 लागू किया है, जिसमें परीक्षा माफिया के लिए 10 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है।’

उन्होंने कहा, ‘हम व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत करना चाहते हैं और संसद में तथ्यों पर आधारित सार्थक चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अखिलेश यादव और कांग्रेस के कई सांसद भी कह चुके हैं कि इस मुद्दे पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। दुर्भाग्य से एक व्यक्ति के अहंकार के कारण चर्चा नहीं हो पा रही।’

उन्होंने सभी से राजनीति से ऊपर उठकर परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए चर्चा में शामिल होने की अपील की।

प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो सभी मंत्रियों ने अपने-अपने इंस्टाग्राम खातों पर साझा किए, जबकि एक सप्ताह पहले तक कई मंत्रियों के खातों पर इस तरह की पोस्ट बहुत कम दिखाई देती थीं।

भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा ने नीट मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रवक्ताओं के साथ हुई बैठकों से जुड़े वीडियो साझा किए हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने प्रश्नपत्र लीक विरोधी कानून में संशोधन वाले विधेयक की प्रस्तुति से जुड़े वीडियो पोस्ट किए हैं।

उन्होंने छात्रों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के दौरान भी सरकार बातचीत के लिए तैयार थी।

जितेंद्र सिंह के अकाउंट पर पिछले एक सप्ताह से हर दिन कई पोस्ट डाली जा रही हैं, जबकि इससे पहले वह सप्ताह में औसतन चार-पांच पोस्ट ही करते थे।

नड्डा भी अब हर दिन कई वीडियो पोस्ट कर रहे हैं, जबकि पहले उनकी गतिविधि बहुत कम थी। प्रधानमंत्री की अपील से पहले उन्होंने आखिरी पोस्ट चार जुलाई को और उससे पहले 27 जून को की थी।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी विधेयक और प्रश्नपत्र लीक मुद्दे पर कई वीडियो साझा किए हैं। इनमें संसद में दिए गए उनके भाषणों के अंश शामिल हैं, जिनमें उन्होंने राजनीतिक दलों से विधेयक पर चर्चा और समर्थन करने की अपील की है। उन्होंने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक को दलगत राजनीति का विषय मानने के बजाय’गंभीर राष्ट्रीय मुद्दा’ बताया।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी एक वीडियो साझा किया, जिसमें सरकार की इस प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया है कि युवाओं को न्याय मिलेगा और प्रश्नपत्र लीक के दोषियों के खिलाफ त्वरित अदालतों के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी परीक्षा प्रश्नपत्र लीक रोकने के लिए सरकार के प्रयासों, त्वरित अदालतों के प्रावधान और विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, से इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करने तथा संसद में चर्चा में भाग लेने की अपील वाले वीडियो साझा किए।

भाषा जोहेब दिलीप

दिलीप