यूडीएफ की जीत के बाद सुधारों को लेकर आईएएस अधिकारी का एक पोस्ट चर्चा का विषय बना
यूडीएफ की जीत के बाद सुधारों को लेकर आईएएस अधिकारी का एक पोस्ट चर्चा का विषय बना
तिरुवनंतपुरम, 10 मई (भाषा) केरल में चुनावी जीत के बाद संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के अगली सरकार बनाने की तैयारी के बीच भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक युवा अधिकारी ने रविवार को दीर्घकालिक सुधारों को लेकर फेसबुक पर एक पोस्ट साझा किया जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
इसमें सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाना, ‘नाइटलाइफ’ को बढ़ावा देना, अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा का विस्तार करना और मलप्पुरम जैसे बड़े जिलों का विभाजन करने की बात शामिल है।
तिरुर के वर्तमान उप-कलेक्टर दिलीप के. कैनिक्कारा की फेसबुक पोस्ट ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी, जिस पर समर्थन और आलोचना दोनों देखने को मिलीं।
वर्ष 2022 बैच के इस अधिकारी ने अपनी पोस्ट में कहा कि नव निर्वाचित सरकार के पास दीर्घकालिक सुधार करने का एक दुर्लभ अवसर है, जिसे शुरू में कुछ विरोध का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन अंततः इससे समाज को लाभ होगा।
उन्होंने सेवानिवृत्ति की मौजूदा उम्र 56 वर्ष को बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि केरल की उच्च जीवन प्रत्याशा और बेहतर स्वास्थ्य संकेतकों को देखते हुए मौजूदा सेवानिवृत्ति संरचना का पुनर्मूल्यांकन आवश्यक है।
उनके अनुसार, कर्मचारियों को 56 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त करना और तुरंत पेंशन भुगतान शुरू करना आर्थिक रूप से विवेकपूर्ण नहीं है और सेवानिवृत्ति उम्र को कम से कम 58 वर्ष तक बढ़ाने से सरकार में मानव संसाधन प्रबंधन को युक्तिसंगत बनाने में मदद मिलेगी।
अधिकारी ने बड़े जिलों, विशेष रूप से मलप्पुरम जिले के विभाजन की वकालत यह दलील देते हुए की कि छोटे जिलों से प्रशासनिक दक्षता और सरकारी सेवाओं तक जनता की पहुंच में सुधार होगा।
आईआईटी मद्रास से बीटेक स्नातक कैनिक्कारा ने कहा कि उनके व्यक्तिगत विचार में, एक आदर्श जिला लगभग एक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र या लगभग सात विधानसभा क्षेत्रों के आकार का होना चाहिए, हालांकि इस तरह के पुनर्गठन में अतिरिक्त व्यय शामिल होगा।
उन्होंने कहा कि इससे प्रशासनिक दक्षता और जनता की सुविधा, विशेष रूप से सरकारी सेवाओं तक पहुंच में होने वाले सुधार इसे एक सार्थक निवेश बना देंगे।
अन्य प्रस्तावों के अलावा, कैनिक्कारा ने पर्यटन को बढ़ावा देने और सेवा क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए राज्य में ‘नाइटलाइफ’ और संबंधित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने सुझाव दिया कि मलयालम माध्यम की शिक्षा को मुख्य रूप से निम्न प्राथमिक स्तर तक सीमित रखा जाए, जबकि उच्च प्राथमिक, हाई स्कूल और उच्च माध्यमिक शिक्षा को धीरे-धीरे अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा में परिवर्तित किया जाए।
उन्होंने दलील दी कि इस तरह के बदलाव से भाषा और शिक्षा तक पहुंच से जुड़ी नई सामाजिक असमानताओं को रोकने में मदद मिलेगी।
भाषा अमित संतोष
संतोष
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