मैगी की गुणवत्ता पर फिर उठा सवाल

मैगी की गुणवत्ता पर फिर उठा सवाल

मैगी की गुणवत्ता पर फिर उठा सवाल
Modified Date: November 29, 2022 / 08:01 pm IST
Published Date: November 30, 2017 5:51 am IST

मम्मी और बच्चो की पसंदीदा मैगी फिर फेल हो गयी है खबर है की उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर प्रशासन ने मैगी के सैंपल को जांच के लिए भिजवाया था, जो फेल हो गया है. जिसके बाद नेस्ले इंडिया और इसके डिस्ट्रीब्यूटर्स पर 62 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है. इधर नेस्ले इंडिया ने सफाई देते हुए कहा है कि ये त्रुटिपूर्ण मानकों को प्रयोग में लाने का मामला है  शाहजहांपुर में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कंज्यूमर गुड्स कंपनी मैगी और इसके वितरकों पर 62 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है.

मैगी नूडल्स में ऐश कंटेंट की मात्रा मानक से अधिक पाई गई है. वहीं नेस्ले इंडिया ने कहा है कि अभी हमें जांच रिपोर्ट नहीं मिली है और इसके मिलते ही हम अपील दायर करेंगे. कंपनी के प्रवक्ता ने ये भी कहा कि ये सैंपल 2015 में हैं और 2015 में किसी तरह के मानक तय नहीं थे. वहीं कंपनी ने मैगी को खाने के लिए 100 फीसदी सुरक्षित बताया.गौरतलब है कि मैगी की गुणवत्ता को लेकर 2 साल पहले देशभर में इसकी जांच की गई थी. नमूने फेल पाए जाने पर इसका विरोध भी किया गया था. बाद में नेस्ले ने वितरकों से मैगी के तमाम उत्पाद बाजार से वापस मंगवा लिए थे. कुछ महीनों बाद फिर से मैगी को बाजार में उतारा गया था.उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के प्रशासन ने नेस्ले के लोकप्रिय ब्रैंड मैगी के लैब जांच में कथित तौर पर फेल हो जाने पर नेस्ले इंडिया और इसके वितरकों पर जुर्माना लगाया है. जिला प्रशासन ने नेस्ले पर 45 लाख रुपए जबकि इसके तीन वितरकों पर 15 लाख रुपए और इसके दो विक्रेताओं पर 11 लाख रुपए का जुर्माना लगाया.

 

जिले के अधिकारियों के मुताबिक, प्रशासन ने पिछले साल नवंबर में नमूने इकट्ठा किए थे और उन्हें लैब जांच के लिए भेज दिया था. जांच में पाया गया कि मैगी के उन नमूनों में इंसान की खपत के लिए तय सीमा से अधिक मात्रा में राख थी.लैब जांच के नतीजों पर सवाल उठाते हुए नेस्ले इंडिया ने कहा कि उसे अब तक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है और वह आदेश मिलते ही अपील दायर करेगी.

IBC24 WEB TEAM 

 

 


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