अहमदाबाद, 20 जनवरी (भाषा) अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने मंगलवार को वटवा क्षेत्र में एक प्रमुख झील क्षेत्र और उसके आसपास अतिक्रमण हटाने के लिए निगरानी ड्रोन और भारी मशीन की तैनाती के साथ एक व्यापक अभियान चलाया। इस अभियान में सैकड़ों पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए थे।
अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार सुबह से अब तक लगभग 450 अवैध निर्माण तोड़े गए हैं, जिनमें 425 से अधिक आवासीय और 25 वाणिज्यिक निर्माण शामिल हैं।
सहायक नगर आयुक्त यतींद्र नाइक ने कहा, ‘‘हमने कुल 58,000 वर्ग मीटर क्षेत्र खाली कराया है, जिसमें से 24,000 वर्ग मीटर मुख्य झील का हिस्सा है।’’
अतिक्रमण के खिलाफ अभियान के बाद झील के आसपास 24 मीटर चौड़ी टाउन प्लानिंग सड़क और 18 मीटर चौड़ी एक अन्य सड़क यातायात के लिए खोल दी जाएगी।
नाइक ने कहा कि आठ दलों ने 10 भारी मशीन तैनात कीं और इस अभियान में नगर निगम के लगभग 300 कर्मचारी शामिल थे।
नगर निगम शहर की विभिन्न झीलों के आसपास अवैध कब्जे हटाने और उनका विकास करने की प्रक्रिया में है। हाल ही में, चंडोला और ईशनपुर झीलों के आसपास के अवैध कब्जे भी इसी तरह हटाए गए थे।
जोन छह के पुलिस उप आयुक्त भागीरथ गढवी ने कहा कि यह अभियान शांति से सम्पन्न हुआ और पर्याप्त सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। उन्होंने कहा, ‘‘इसमें 350 से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए, ड्रोन से हवाई निगरानी की गई और पूरे इलाके की घेराबंदी की गई। अतिक्रमण करने वालों को तैयारी करने और संबंधित विभाग के अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत पेश करने के लिए एक महीने से अधिक का समय दिया गया।’
नाइक ने कहा कि तोड़े गए मकानों में रहने वाले परिवारों को शहर की बसों से अस्थायी आश्रयस्थलों में स्थानांतरित किया गया। नाइक ने कहा कि योग्य परिवारों को सरकार की नीति के अनुसार वैकल्पिक आवास प्रदान किया जाएगा।
नगर निगम अधिकारी ने कहा कि हालांकि, क्षेत्र में दो धार्मिक संरचनाओं – एक मस्जिद और दो मंदिर को कुछ लंबित मुद्दों के कारण नहीं हटाया गया।
भाषा अमित माधव
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