नासिक ‘धर्मांतरण’ मामले में एआईएमएआईएम की भूमिका की जांच होनी चाहिए: शिरसाट

नासिक ‘धर्मांतरण’ मामले में एआईएमएआईएम की भूमिका की जांच होनी चाहिए: शिरसाट

नासिक ‘धर्मांतरण’ मामले में एआईएमएआईएम की भूमिका की जांच होनी चाहिए: शिरसाट
Modified Date: May 8, 2026 / 06:01 pm IST
Published Date: May 8, 2026 6:01 pm IST

छत्रपति संभाजीनगर, आठ मई (भाषा) महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय शिरसाट ने शुक्रवार को कहा कि पुलिस को इस बात की जांच करनी चाहिए कि क्या ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और पार्टी के पूर्व सांसद इम्तियाज जलील का नासिक टीसीएस मामले में कोई हाथ था।

नासिक धर्मांतरण मामले में आरोपी निदा खान की छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तारी के एक दिन बाद यह बयान आया है।

जलील ने निदा खान की गिरफ्तारी को ‘मीडिया ट्रायल’ का नतीजा बताया था और कहा था कि अगर पुलिस के पास पूछने के लिए कुछ हैं तो उनसे पूछताछ करें। नासिक स्थित टीसीएस कार्यालय में कुछ महिलाओं के कथित धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले में आरोपी निदा खान के कई हफ्तों तक छिपे रहने के बाद बृहस्पतिवार को उसे शहर में हिरासत में ले लिया गया।

शिरसाट ने मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि जलील ने पहले खुले तौर पर निदा खान का समर्थन किया था और उसके पक्ष में बयान दिए थे। उन्होंने कहा, “एआईएमआईएम धर्मांतरण को बढ़ावा देने और लड़कियों को धोखा देने की कोशिश कर रही है। निदा खान महज एक मोहरा है लेकिन उनका नेटवर्क पूरे महाराष्ट्र में फैला हुआ है। मैं मुख्यमंत्री से अनुरोध करूंगा कि वे एसआईटी के माध्यम से जांच का आदेश दें ताकि मुख्य साजिशकर्ता का पर्दाफाश हो सके।”

शिवसेना पार्टी के नेता और मंत्री ने यह भी दावा किया कि शहर के कई बेरोजगार युवाओं के पास महंगी मोटरसाइकिलें व मोबाइल फोन हैं।

उन्होंने इन युवाओं के पैसे के स्रोत की जांच किये जाने की मांग की।

शिरसाट ने कहा, “नासिक की घटना मार्च में सामने आई। हमें नहीं पता कि निदा खान इतने दिनों तक कहां थी लेकिन उसे छत्रपति संभाजीनगर में पकड़ा गया। वह एक झुग्गी बस्ती में छिपी हुई थीं, जहां अवैध गतिविधियां होती हैं। एआईएमआईएम ने उसका समर्थन किया। जलील और उनके सहयोगियों की जांच होनी चाहिए।”

नासिक पुलिस की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) आईटी कंपनी के नासिक कार्यालय में छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार के नौ मामलों की जांच कर रही है।

टीसीएस कार्यालय में महिला कर्मचारियों के शोषण, जबरन धर्मांतरण के प्रयास, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न के आरोपों के सामने आने के बाद एसआईटी ने नौ प्राथमिकी दर्ज कर एक महिला सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया था।

भाषा जितेंद्र माधव

माधव


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