एअर इंडिया विमान हादसे की जांच रिपोर्ट जल्द ही सामने आएगी: के. राम मोहन नायडू

एअर इंडिया विमान हादसे की जांच रिपोर्ट जल्द ही सामने आएगी: के. राम मोहन नायडू

एअर इंडिया विमान हादसे की जांच रिपोर्ट जल्द ही सामने आएगी: के. राम मोहन नायडू
Modified Date: March 9, 2026 / 04:48 pm IST
Published Date: March 9, 2026 4:48 pm IST

( तस्वीर सहित )

नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने सोमवार को राज्यसभा में बताया कि पिछले साल जून में अहमदाबाद से लंदन-गैटविक जा रही एअर इंडिया की उड़ान एआई171 के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले की जांच तेजी से जारी है और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की रिपोर्ट ‘‘जल्द ही’’ सामने आएगी।

इस हादसे में विमान में सवार 241 लोगों सहित कुल 260 लोग मारे गए थे।

नायडू ने प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों के जवाब में बताया कि मंत्रालय एएआईबी को आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध करा रहा है और रिपोर्ट वर्ष के अंत तक जारी होने की संभावना है।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उड़ान परिचालन की सुरक्षा पर भी मंत्री ने कहा कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने विभिन्न एयरलाइन के साथ तत्काल बैठकें की हैं और दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि केवल तब ही उड़ान संचालित हो जब पूरी सुरक्षा सुनिश्चित हो। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले सप्ताह लगभग 90,000 भारतीय नागरिक इस क्षेत्र से सुरक्षित भारत लौटे हैं।

नायडू ने बताया कि गृह मंत्रालय की ओर से समय-समय पर यात्रा परामर्श जारी किए जा रहे हैं और मंत्रालय एयरलाइन की मदद से सुरक्षित उड़ानों और नागरिकों की वापसी सुनिश्चित करने में पूरी कोशिश कर रहा है।

भविष्य की योजनाओं के बारे में मंत्री ने कहा कि अगले 20 वर्षों में देश में 200 और हवाई अड्डे खोले जाने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रतिदिन लगभग पांच लाख यात्री घरेलू और 1-2 लाख यात्री अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का उपयोग कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि अगले पांच वर्षों में 50 और, और अगले 20 वर्षों में कुल 350 हवाई अड्डे बनाने का लक्ष्य है।

सुरक्षा उपायों पर चर्चा करते हुए मंत्री ने बताया कि डीजीसीए के पास बहु-स्तरीय और कड़े निगरानी तंत्र हैं और अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) के मानक पूरी तरह लागू किए जाते हैं। उन्होंने डिजिटल निगरानी का उदाहरण देते हुए कहा कि अब हर विमान को डिजिटल रूप से ट्रैक किया जाता है और सभी सुरक्षा मानकों का पालन समय पर सुनिश्चित किया जाता है।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव


लेखक के बारे में