नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) भाजपा ने कांग्रेस नेता राशिद अल्वी के उस बयान को लेकर बृहस्पतिवार को पलटवार किया, जिसमें उन्होंने एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बनाए जाने पर कथित तौर पर सवाल उठाए थे।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया कि यह बयान विपक्षी पार्टी की ‘‘दिमागी नक्सल’’ सोच को दर्शाता है, जो भारतीय सेना और अयोध्या में राम मंदिर का अपमान करती है।
भाजपा ने कांग्रेस पर सशस्त्र बलों और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सवाल उठाने का आरोप भी लगाया।
अल्वी ने कथित तौर पर सवाल किया था कि क्या ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में कोई ऐसी सच्चाई छिपी है, जिसकी वजह से मिश्रा को ट्रस्ट का सीईओ बनाया गया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान मिश्रा भारतीय वायु सेना की पश्चिमी कमान के प्रमुख थे।
मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि अल्वी के ‘‘शर्मनाक’’ बयान ने कांग्रेस की असली ‘‘दिमागी नक्सल’’ पहचान को उजागर कर दिया है।
त्रिवेदी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘अब यह साबित हो गया है कि भारतीय सेना का अपमान करना ही कांग्रेस की असली ‘दिमागी नक्सल’ सोच है। ये वही लोग हैं जो भगवान राम को काल्पनिक बताते थे, अयोध्या के अस्तित्व को नकारते थे और अयोध्या का अपमान करते थे।’’
राज्यसभा सदस्य ने आरोप लगाया कि अल्वी के बयान ने कांग्रेस के ‘‘मुस्लिम लीग-माओवादी’’ गठजोड़ का पर्दाफाश कर दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि कांग्रेस ‘मुस्लिम लीग-माओवादी कांग्रेस’ बन गई है। अब अल्वी ने इस बात को उजागर कर दिया है। उन्होंने भ्रम का जो थोड़ा सा पर्दा बचा था, उसे भी हटा दिया है।’’
उन्होंने यह भी आरोप लगाया, ‘‘महमूद गजनवी को सिर्फ एक लुटेरा बताना और मंदिरों को नष्ट करने के उसके मकसद को छिपाना, इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करना है।’’
भाजपा प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने अल्वी की टिप्पणियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विचारों को व्यक्त कर रहे थे?
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने बार-बार सशस्त्र बलों की उपलब्धियों को कमतर दिखाने की कोशिश की है।
इसके अलावा, भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी से मीडिया में आई उन खबरों के बारे में जब पूछा गया, जिनमें कहा गया था कि अल्वी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में मिश्रा की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं, तो उन्होंने आरोप लगाया कि उन बयानों में सशस्त्र बलों के प्रति कांग्रेस की ‘‘नफरत’’ साफ दिख रही है।
भाषा सुभाष नरेश
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