पश्चिम बंगाल के मालदा में सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए ‘आमार ग्राम आमार कल्पना’ पहल शुरू

पश्चिम बंगाल के मालदा में सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए 'आमार ग्राम आमार कल्पना' पहल शुरू

पश्चिम बंगाल के मालदा में सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए ‘आमार ग्राम आमार कल्पना’ पहल शुरू
Modified Date: July 14, 2026 / 11:50 am IST
Published Date: July 14, 2026 11:50 am IST

कोलकाता, 14 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल के मालदा जिला प्रशासन ने भारत-बांग्लादेश सीमा से लगे गांवों में समुदाय आधारित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘आमार ग्राम आमार कल्पना’ नामक सहभागी योजना पहल शुरू की है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

बयान के अनुसार, केंद्र सरकार के ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ (वीवीपी) के तहत शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य विकास की प्राथमिकताओं की पहचान करने और उन्हें ग्राम कार्ययोजना में शामिल करने की प्रक्रिया में ग्रामीणों की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित करना है, ताकि बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें और आजीविका के अवसरों में सुधार हो।

इस पहल के तहत मुचिया ग्राम पंचायत के आदमपुर में एक संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें ग्रामीणों ने अपनी आवश्यकताओं और सुझावों से जिला मजिस्ट्रेट राजनवीर सिंह कपूर और स्थानीय विधायक गोपाल चंद्र साहा को अवगत कराया।

यह अभ्यास 12 से 14 जुलाई तक सीमा से लगे 29 गांवों में चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाएं तैयार करने के लिए ग्रामीणों के सुझाव एकत्र करना है।

साहा ने कहा कि ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद सुनिश्चित करेगा कि विकास परियोजनाएं स्थानीय जरूरतों के अनुरूप हों। उन्होंने कहा, ‘‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम स्थानीय आकांक्षाओं को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ जोड़ता है।’’

जिला मजिस्ट्रेट राजनवीर सिंह कपूर ने कहा कि प्रभावी योजना निर्माण और बेहतर विकास परिणामों के लिए सामुदायिक भागीदारी महत्वपूर्ण है।

जिला प्रशासन ने कहा कि ‘आमार ग्राम आमार कल्पना’ पहल की परिकल्पना ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए की गई है, जिसके तहत सीमावर्ती गांवों को देश की अंतिम चौकियों के बजाय ‘‘भारत के प्रथम गांव’’ मानते हुए उन्हें जीवंत और विकसित बस्तियों में परिवर्तित करने का लक्ष्य रखा गया है।

भाषा मनीषा शोभना

शोभना

शोभना


लेखक के बारे में