पंजाब में आंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया गया; प्रतिबंधित संगठन एसएफजे ने ली जिम्मेदारी
पंजाब में आंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया गया; प्रतिबंधित संगठन एसएफजे ने ली जिम्मेदारी
होशियारपुर (पंजाब), 31 मार्च (भाषा) पंजाब के होशियारपुर जिले के नूरपुर जट्टन गांव में एक इमारत की छत पर स्थापित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को मंगलवार को कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि एक छड़ जैसी वस्तु का इस्तेमाल कर प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया गया, जो कांच के एक मजबूत आवरण के अंदर थी।
बाद में, सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया जिसमें प्रतिबंधित संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) के खालिस्तान समर्थक नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू ने तोड़फोड़ की कथित तौर पर जिम्मेदारी ली है।
अधिकारियों ने बताया कि वे वीडियो की प्रमाणिकता की जांच कर रहे हैं।
गढ़शंकर के पुलिस उपाधीक्षक दलजीत सिंह खाख ने बताया कि घटना के सिलसिले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि वहां कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था, लेकिन उसकी टीम आसपास के इलाकों से सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
यह इस तरह की पहली घटना नहीं है।
पिछले साल जून में भी इस प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया था, जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
इस बीच, बहुजन समाज पार्टी की पंजाब इकाई के प्रमुख अवतार सिंह करीमपुरी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता घटनास्थल पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया।
करीमपुरी ने घटना की निंदा करते हुए मांग की कि आरोपियों को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाए।
उन्होंने दलित प्रतिमाओं की सुरक्षा की मांग को लेकर 18 अप्रैल को गांव में पार्टी की एक जनसभा करने की भी घोषणा की।
करीमपुरी ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार और भाजपा नीत केंद्र सरकार, दोनों पर आंबेडकर की प्रतिमा को सुरक्षित रख पाने में विफल रहने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में इस तरह की यह नौवीं घटना है।
करीमपुरी ने दावा किया कि ये कृत्य सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने और दलित समुदाय को हाशिए पर धकेलने की एक बड़ी राजनीतिक साजिश का हिस्सा हैं।
भाषा सुभाष माधव
माधव

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